
Sitapur : सीतापुर में जिलाधिकारी डा राजागणपति आर की अध्यक्षता में बुधवार, 8 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया और अब तक किए गए कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु का डेथ ऑडिट निर्धारित समयावधि में तथ्यपरक रूप से कराया जाए। उन्होंने परिवहन, चिकित्सा, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों को संयुक्त रूप से निर्धारित प्रारूप पर डेथ ऑडिट कर निष्कर्षात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, ताकि भविष्य की दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने 10 सर्वाधिक दुर्घटना वाले थाना क्षेत्रों को चिन्हित कर उनमें व्यापक स्तर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
ओवरस्पीडिंग और गन्ना वाहनों पर नकेल
बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता पर लेते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चौराहों और चिह्नित स्थलों पर आवश्यक प्रबंध करने, सड़कों के किनारे पटरियों को ठीक कराने और झाड़ियों के कटान को सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
मुख्य मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटवाया जाए
चौराहों और तिराहों के 150 मीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाते हुए नो वेंडिंग जोन घोषित किया जाए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए।
गन्ना वाहन सीज: गन्ना ढुलाई में लगे वाहनों पर यदि निर्धारित ऊँचाई से अधिक लोड पाया जाता है, तो उन्हें तत्काल सीज करते हुए कठोर विधिक कार्यवाही की जाए।
मार्ग दुर्घटना में घायल की जान बचाने वाले गुड सैमेरिटन (नेक लोगों) को चिन्हित कर सम्मानित किया जाए और शासन द्वारा अनुमन्य राशि वितरित की जाए। जनपद में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। हेलमेट पहनने की अनिवार्यता के प्रति जागरूक करने के लिए ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान भी व्यापक स्तर पर चलाया जाए। निर्धारित मानकों के अनुसार ही विद्यालय वाहनों का संचालन हो। वाहनों का फिटनेस, चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण और सत्यापन नियमानुसार कराया जाए। संबंधित विद्यालयों से 15 दिन के भीतर इस संबंध में शपथ-पत्र भी लिया जाए।
जिलाधिकारी ने बेहतर अंतरविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन तथा अन्य विभागों को आपसी सहयोग से कार्य करने को कहा। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेश कुमार सहित पुलिस, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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