
- पूर्व विधायक अनूप गुप्ता और पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी से बदसलूकी मामले में बढ़ा शिकंजा
- 21 फरवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने का आदेश
सीतापुर : मिश्रित नैमिषारण्य नगर पालिका उपचुनाव के दौरान अपनी कार्यशैली को लेकर सियासी गलियारों में भूचाल लाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज तिवारी की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के साथ-साथ पूर्व राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी से बदसलूकी, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार सिंह ने इस प्रकरण में पंकज तिवारी को धारा 351(3), 352 और 356(2) के तहत विचारण के लिए आगामी 21 फरवरी को अदालत में तलब किया है।
यह विवाद उस समय का है, जब उपचुनाव के दौरान पंकज तिवारी और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। आरोप था कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के बाद सीतापुर की राजनीति में भारी उबाल आया था। उस वक्त पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की चुप्पी और आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई न होने से नाराज समाजवादी पार्टी ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाई थी। हालांकि, पुलिस महकमे की ओर से केवल आश्वासनों का झुनझुना ही थमाया गया।
प्रशासनिक स्तर पर न्याय न मिलता देख पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने हार नहीं मानी और इंसाफ के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के इस ताजा आदेश ने पुलिसिया इकबाल और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें 21 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जब चर्चित थाना प्रभारी को अपनी सफाई पेश करने के लिए अदालत के कटघरे में खड़ा होना पड़ेगा। इस फैसले के बाद समाजवादी खेमे में संतोष देखा जा रहा है, तो वहीं पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है।










