
महमूदाबाद, सीतापुर। निजी व्यापारियों के बजाय सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने की बात पर भड़के किसानों ने सुबह सात बजे से 12 बजे तक हंगामा किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम के सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेंचने की बात पर भड़के किसानों ने नकद ब्रिकी राषि दिलाने की मांग की। आखिरकार तीन-चार किसानों के सरकारी क्रेंद्रों पर गेहूं तौल कराने के बाद एसडीएम के जाते ही आढ़तियों ने गेहूं खरीद शुरू की।
महमूदाबाद मंडी समिति में किसान नकद पैसा पाकर आढ़तियों को गेहूं बेंच रहे हैं और सरकारी क्रय केंद्रों को गेहूं नहीं मिल पा रहा है। शनिवार की सुबह करीब सात बजे एसडीएम बीके सिंह, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार दीना नाथ यादव, मंडी सचिव ऋषभ जैन के साथ मंडी परिसर पहुंचे और किसानों को आढ़तियों से गेहूं बेचने से मना कर दिया।
किसानों से एसडीएम ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने की बात कही गई तो किसान नकद बिक्री राषि दिलाने की बात कहते हुए भड़क गए। करीब दो घंटे की मान-मनौव्वल के बाद करीब पांच किसानों ने सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचा। एसडीएम के जाते ही किसानों ने आढ़तियों से गेहूं बेचना शुरू कर दिया।
मंडी सचिव ऋषभ जैन ने कहा कि सरकारी क्रय केंदों पर किसान गेहूं नहीं बेच रहे हैं, जिन्हें मनाने का काम किया जा रहा है। सुबह किसानों की ट्राली अनुरोध के साथ सरकारी क्रय केंद्रों पर खड़ी करवाकर गेहूं की गुणवत्ता की जांच करवाई गई।
एसडीएम ने किसानों से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने की अपील की। गेहूं का सरकारी मूल्य 2425 रुपए निर्धारित किया गया है तथा सफाई व छनाई का 20 रुपए किसानों को अतिरिक्त दिया जाएगा। कुछ किसानों से सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचा हैं किंतु ज्यादातर किसान अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए आढ़तियों के पास गेंहू बेच रहे हैं।