
- बैग में छिपाकर लाया था धारदार हथियार, गर्भगृह में प्रवेश से पहले पकड़ा गया
- मानसिक हालत ठीक नहीं, परिजनों को सौंपा गया, मंदिर में सुरक्षा और चोरी की घटनाओं पर उठे सवाल
Naimisharanya, Sitapur : तीर्थ स्थित सुप्रसिद्ध मां ललिता देवी शक्तिपीठ में सोमवार शाम एक सनसनीखेज वाकया सामने आया, जहाँ पुलिस की पैनी नजर ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। मंदिर के गर्भगृह में खुद की बलि देने के इरादे से घुसे एक युवक को पुलिस ने समय रहते दबोच लिया। इस घटना ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की मानसिक काउंसलिंग की जरूरत पर एक नई बहस छेड़ दी है।
संदेहास्पद बैग ने खोला राज
शाम करीब 6.30 बजे मछरेहटा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी 26 वर्षीय कुसेंद्र मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। वह अपने पास मौजूद एक बैग को बार-बार संदिग्ध तरीके से देख रहा था। ड्यूटी पर तैनात पर्यटन चौकी प्रभारी राजेश शुक्ला को उसकी हरकतें अजीब लगीं। पुलिस ने जब उसे बैरिकेडिंग के पास रोककर तलाशी ली, तो बैग के भीतर से धारदार हथियार बरामद हुआ
हथियार की पूजा कर चढ़ाने आया था ‘बलि’
कड़ाई से पूछताछ करने पर कुसेंद्र ने जो बताया उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। उसने दावा किया कि उसने कोई मनौती मानी थी और अब वह देवी माँ को अपनी श्बलिश् चढ़ाने आया है। वह हथियार की बाकायदा पूजा-अर्चना करके पूरी तैयारी के साथ मंदिर पहुँचा था। बाद में परिजनों ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति काफी समय से अस्थिर है, जिसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिसिंग और सुरक्षा पर पुरानी टीस
हालांकि इस मामले में पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है, लेकिन मंदिर परिसर में चोरी और उचक्कागिरी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में श्आत्मबलिश् जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ स्पष्ट चेतावनी के पोस्टर लगने चाहिए। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लोगों ने याद दिलाया कि यहाँ श्रद्धालुओं के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं।
पिछला रिकॉर्ड
साल 2024 में मेला ड्यूटी पर तैनात दरोगा विनोद कुमार यादव का सामान चोरी हो गया था। आंध्र प्रदेश की एक महिला का 9 लाख का मंगलसूत्र और 2017 में पूर्व विधायक नीरज बोरा के परिजनों का पर्स-मोबाइल चोरी होना आज भी अनसुलझी पहेली बना हुआ है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मंदिर प्रशासन को केवल गेट पर ही नहीं, बल्कि गर्भगृह के भीतर भी हाई-टेक सर्विलांस और निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं और चोरी पर लगाम लग सके।










