
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद भड़की हिंसा मामले में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में यह मामला एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहा है। अब तक इस केस में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों की पहचान अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अथर और उबेद के रूप में हुई है। सभी आरोपी तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं। इन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) निधिन वलसन ने बताया कि हिंसा प्रभावित इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यह हिंसा मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अदालत के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान भड़की थी।
जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया के जरिए यह अफवाह फैलाई गई कि कार्रवाई के दौरान मस्जिद को गिराया जा रहा है। इस झूठी सूचना के फैलते ही 150 से 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस व एमसीडी टीम पर पथराव शुरू हो गया। इस हिंसा में एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान करीब 36 हजार वर्ग फुट अवैध अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
पुलिस करीब 450 वीडियो फुटेज की जांच कर रही है, जिनमें सीसीटीवी, ड्रोन, बॉडी-वॉर्न कैमरे और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो शामिल हैं। अब तक करीब 30 लोग पुलिस के रडार पर हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि चार से पांच व्हाट्सऐप ग्रुप्स और करीब 10 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के जरिए जानबूझकर अफवाहें फैलाई गईं, ताकि माहौल को भड़काया जा सके।
इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद महिबुल्लाह नदवी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में उनके समर्थकों को पुलिस से उलझते हुए देखा गया है और उन्हें जल्द ही जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा जा सकता है।














