
Shimla : देश की सबसे बड़ी भूमिगत जलविद्युत परियोजना नाथपा-झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) की इस परियोजना ने 18 जनवरी को सात हजार मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली उत्पादन का आंकड़ा छू लिया। यह परियोजना के इतिहास में दूसरी सबसे तेज़ गति से सात हजार एमयू उत्पादन का रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 26 जनवरी 2025 को बना था, जिसे अब पीछे छोड़ दिया गया है। एसजेवीएन के एक प्रवक्ता ने सोमवार को ये जानकारी दी।
नाथपा-झाकड़ी परियोजना सतलुज नदी पर आधारित है और हिमाचल प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों के साथ-साथ उत्तर भारत के ग्रिड में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 1500 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना लंबे समय से देश की सबसे भरोसेमंद जलविद्युत परियोजनाओं में गिनी जाती रही है। सात हजार मिलियन यूनिट उत्पादन का आंकड़ा इसलिए भी अहम माना जाता है क्योंकि यह किसी परियोजना की तकनीकी दक्षता, मशीनों की उपलब्धता और संचालन व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
परियोजना के इतिहास में सबसे तेज़ सात हजार मिलियन यूनिट उत्पादन का रिकॉर्ड चार जनवरी 2012 को बना था, जब उस वर्ष परियोजना का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक बिजली उत्पादन दर्ज किया गया था। मौजूदा उपलब्धि को उसी परंपरा की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यह रिकॉर्ड नाथपा-झाकड़ी की टीम की प्रतिबद्धता, अनुशासन और बेहतर कार्य संस्कृति का नतीजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी परियोजना इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करती रहेगी। वहीं, निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने इसे संगठन की सामूहिक क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम बताया।
परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश सरकार और शिमला व किन्नौर जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता ओएंडएम, पावर हाउस और नाथपा टीम के लगातार प्रयासों और टीम भावना का परिणाम है।















