श्योपुर : पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना बना कूनो सफारी, मेहमाननवाजी के लिए तैयार कूनो टेंट सिटी

श्योपुर : मध्यप्रदेश का श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क आज सिर्फ एक जंगल नहीं, बल्कि भारत की वन्यजीव संरक्षण सफलता की पहचान बन चुका है। चीतों की ऐतिहासिक वापसी के बाद कूनो न केवल जैव-विविधता का केंद्र बना है, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है।

भोपाल से लगभग 350 किलोमीटर दूर स्थित कूनो नेशनल पार्क कभी एक सामान्य वन क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज इसकी पहचान चीता सफारी से जुड़ गई है। चीतों की बसाहट ने जंगल को फिर से जीवंत कर दिया है और इसका सीधा असर पर्यटन पर दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटक कूनो पहुंचकर प्रकृति, रोमांच और शांति का अनोखा अनुभव ले रहे हैं।

कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट में 25 टेंट हाउस बनाए गए हैं, जो किसी होटल के कमरों से कम नहीं हैं। इसके साथ ही टेंट सिटी में एडवेंचर के लिए जीप सफारी, एयरगन शूटिंग, आर्चरी शूटिंग सहित कई तरह की गतिविधियाँ उपलब्ध हैं। टेंट सिटी में एक क्लब हाउस भी बनाया गया है, जहां पर्यटक टेबल टेनिस, ऊनो, शतरंज और कैरम बोर्ड जैसे इनडोर खेलों का आनंद उठा सकते हैं।

वर्ष 2023 में नामीबिया से चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया गया था, जिसके बाद पर्यटक यहां आने के लिए काफी उत्साहित नजर आए।

कूनो की पहचान बनी चीता सफारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। जिप्सी में जंगल के घुमावदार रास्तों से गुजरते हुए चीतों के साथ-साथ तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हायना, नीलगाय, मगरमच्छ और दुर्लभ पक्षियों को देखने का रोमांच अलग ही स्तर का होता है।

कूनो नेशनल पार्क आज संरक्षण, पर्यटन और प्रकृति के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। यह न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की कहानी है जहां वन्यजीव संरक्षण विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

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