
New Delhi : कांग्रेस नेता और वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर वैश्विक राजनीति की दिशा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अब कानून नहीं, बल्कि ताकत निर्णायक भूमिका निभा रही है। शशि थरूर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया में बहस छेड़ दी है।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की स्थिति पर सवाल उठाते हुए लिखा कि बीते कुछ वर्षों में इन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाला सिद्धांत हावी होता जा रहा है, जहां नियमों और कानूनों की जगह ताकतवर देशों की मनमानी चल रही है।
थरूर के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर अब केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में मौजूदा वैश्विक हालात को ‘जंगल का कानून’ करार देते हुए कहा कि शक्तिशाली देश अपने रणनीतिक और राजनीतिक हितों के लिए नियमों को तोड़ने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद खतरनाक संकेत बताया।
दरअसल, शशि थरूर ने यह टिप्पणी लेखक कपिल कोमिरेड्डी की एक पोस्ट के जवाब में की थी, जिसमें अमेरिका की कार्रवाई को लेकर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया गया था। इस पोस्ट में सवाल उठाया गया था कि जब अंतरराष्ट्रीय कानून कमजोर देशों के लिए सख्ती से लागू होता है, तो शक्तिशाली देशों को इससे छूट कैसे मिल जाती है।
गौरतलब है कि शनिवार को अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाते हुए वेनेजुएला पर बमबारी की। इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से सत्ता में रहे वामपंथी नेता और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उनके खिलाफ ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में मुकदमे चलाए जाएंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने निकोलस मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को लेकर सोशल मीडिया पर मादुरो की हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे हुए तस्वीर साझा की। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे सैन्य अभियान को फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट में टीवी शो की तरह लाइव देखा।
वहीं दूसरी ओर, वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने मादुरो की गिरफ्तारी को देश के लिए ‘आजादी का क्षण’ बताया है। उन्होंने 2024 के चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार को तुरंत राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मचाडो को लेकर बयान देते हुए कहा कि उन्हें वेनेजुएला में पर्याप्त जनसमर्थन और व्यापक स्वीकार्यता हासिल नहीं है।
अमेरिकी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं और शशि थरूर जैसे नेताओं की टिप्पणियों के बीच यह सवाल लगातार गहराता जा रहा है कि क्या वैश्विक राजनीति अब नियमों से संचालित होगी या फिर ताकत के बल पर फैसले लिए जाते रहेंगे। वेनेजुएला संकट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और शक्ति संतुलन पर बहस को केंद्र में ला दिया है।















