
- एसपी सिटी देवेंद्र के नेतृत्व में साइबर सेल व प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर की बड़ी कार्यवाही
- पुलिस टीम ने फर्जी कॉल सेंटर से लग्जरी गाड़ियाँ, लैपटॉप व 50 सिम बरामद; शातिर ठग ट्विंकल गुप्ता गिरफ्तार
Shahjahanpur : यूपी के शाहजहांपुर में जलालाबाद पुलिस ने बड़ी ठगी करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए बड़ी कार्यवाही की है।
जलालाबाद में कभी किराए के कमरे में गुजारा करने वाला ट्विंकल गुप्ता अचानक महंगी थार, नेक्सॉन कार, स्पोर्ट्स बाइक और आलीशान घर का मालिक बन गया पड़ोसियों के अनुसार यह बदलाव कुछ ही वर्षों में हुआ। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि कम उम्र में इतनी तेज रफ्तार तरक्की आखिर कैसे मिली। अब PRATIBIMB पोर्टल की पड़ताल में सामने आए साइबर ठगी नेटवर्क ने उस सवाल को गंभीर शक में बदल दिया है। पुलिस जांच में आरोप है कि ट्विंकल और उसका भाई डिम्पल इस गिरोह के कथित संचालन में शामिल थे।
पुलिस जांच के अनुसार, जलालाबाद मुख्य चौराहे से बस स्टैंड की ओर मात्र बीस कदम की दूरी पर कथित फर्जी कॉल सेंटर वर्षों से संचालित था। बताया जा रहा है कि बाहर से देखने पर यह सामान्य ऑफिस लगता था, लेकिन अंदर दर्जनों युवक-युवतियां कॉलिंग ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थीं। फेसबुक और सोशल मीडिया के जरिए ट्विंकल द्वारा नौकरी के विज्ञापन देने की भी पुष्टि जांच में सामने आई। इससे गिरोह में युवाओं की भर्ती की जाती थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह की कमाई बढ़ते ही लग्जरी वाहन, भूमि और बड़े बैंक खातों का पता चला। ग्रामीणों का कहना है कि गुरुगवां गांव में बीस बीघे कृषि भूमि खरीदी गई, जहां पानी प्लांट लगाने की तैयारी थी। अब स्थानीय लोग और पीड़ित निवेशक मांग कर रहे हैं कि कथित ठगी से अर्जित संपत्ति जब्त की जाए। आर्थिक अपराध जांच इकाई संपत्ति और खातों की जांच कर रही है।
PRATIBIMB पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन लिंक होने पर साइबर क्राइम सेल ने तुरंत जांच शुरू की। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार के निर्देश पर साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप शर्मा और प्रभारी निरीक्षक जलालाबाद राजीव तोमर ने संयुक्त टीम बनाई। नंबर को NCRP और समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध पाया गया। इसी कड़ी में GLOBAL TRADE ऐप के माध्यम से निवेश कर तीन गुना लाभ देने के नाम पर कथित ठगी की शिकायतें जुड़ती चली गईं।
3 लाख रुपये निवेश कर नुकसान झेल चुके एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे संदिग्ध लिंक भेजकर GLOBAL TRADE APK डाउनलोड कराया गया, जिसके बाद QR कोड के माध्यम से रकम जमा कराई गई। बाद में अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपित निवेश के फर्जी लाभ दिखाकर लोगों को और पैसा भेजने को उकसाते थे, फिर रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर की जाती थी। लगभग 13 ऐसे खातों की जानकारी जांच में सामने आई है।
पूछताछ में सामने आया कि 77DATA.NET से 1000 मोबाइल नंबरों का डेटा पाँच हजार रुपये में खरीदा जाता था। एसएलजी डिजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से कॉल की जाती थी। अब तक 50 ऐसे नंबर और 13 खातों का नेटवर्क खुल चुका है, जिनका उपयोग देशभर में कथित ठगी गतिविधियों में किया गया। दिल्ली, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश में शिकायतें दर्ज हैं, जिसमें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी सामने आने का अनुमान है।
खण्डहर जाने वाली सड़क पर स्थित कॉल सेंटर से पुलिस ने 69 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 50 सिम कार्ड, 4 एलईडी टीवी, 4 बाइक, एक महिंद्रा थार, कंपनी के दस्तावेज, चेकबुक, वाईफाई राउटर और बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण कब्जे में लिए। थाना जलालाबाद में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) BNS तथा 66(D) IT एक्ट में मामला दर्ज किया गया।
गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर, साइबर सेल प्रभारी अनूप शर्मा, उपनिरीक्षक मोहन देव शर्मा, अपराध निरीक्षक रवि शंकर, उपनिरीक्षक पवन यादव, संजीव कुमार, सुधीर तोमर, गौरव सिंह, रीगल कुमार, महिला उपनिरीक्षक काजल, महिला कांस्टेबल डोली चौहान, लक्ष्मी सहित पूरी टीम शामिल रही। एसपी राजेश द्विवेदी ने कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। पुलिस अब धनशोधन, म्यूल खातों और कथित संपत्ति की बेनामी जांच पर फोकस कर रही है और कहा है कि कोई भी आरोपी या सहयोगी दायरे से बाहर नहीं बचेगा।










