संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर मस्जिद के अवैध निर्माण मामले में सात पर केस दर्ज

संभल : संभल जनपद में सरकारी जमीनाें पर अवैध कब्जे और निर्माण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब नखासा थाना क्षेत्र में स्थित एक कब्रिस्तान और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद निर्माण के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में सात लाेगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर सेंट्रल वक्फ बोर्ड के समक्ष गलत साक्ष्य प्रस्तुत कर भूमि को वक्फ घोषित कराने का आरोप है। जांच में एक मस्जिद, 11 मकान और 1000 वर्ग मीटर भूमि पर खेती करते पाया गया है।

दरअसल नखासा थाना क्षेत्र के गांव कसेरुआ में राजस्व प्रशासन की टीम ने 9 जनवरी को सरकारी भूमि की पैमाइश की। पैमाइश के

बाद लेखपाल खाबर हुसैन ने अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी। पैमाइश के दौरान गाटा संख्या 409, जो कब्रिस्तान की भूमि है, पर 280 वर्ग मीटर में एक मस्जिद और तीन मकान बने पाए गए। गाटा संख्या 410, जो खाद के गड्ढे की भूमि है, पर 600 वर्ग मीटर में आठ मकान बने मिले। इसी भूमि पर मस्जिद का सुन्नी वक्फ बोर्ड में इंद्राज भी है। इसके अतिरिक्त, गाटा संख्या 411, जो वृक्षारोपण के लिए आरक्षित है, पर एक व्यक्ति इसके 1001 वर्ग मीटर में खेती कर रहा है।

आरोप है कि मस्जिद के प्रबंधक ने सेंट्रल वक्फ बोर्ड के समक्ष गलत साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत कर भूमि को वक्फ घोषित करा लिया। यह तथ्य छिपाया गया कि मस्जिद कब्रिस्तान की भूमि पर है, क्योंकि कब्रिस्तान की भूमि पर वक्फ बोर्ड में पंजीकरण नहीं होता। इस प्रकार आरक्षित ग्राम सभा संपत्ति पर कब्जा कर ग्राम समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।

इस मामले में थाना प्रभारी संजीव बालियान ने साेमवार काे बताया कि लेखपाल खाबर हुसैन की शिकायत पर जाकिर हुसैन पुत्र अफसर, तस्लीम पुत्र अब्दुल मजीद, भूरे अली पुत्र शब्बीर, शरफुद्दीन पुत्र मुजीजुद्दीन, दिल शरीफ पुत्र शरीफ अहमद, मोहबाद अली पुत्र दिलबर एवं नन्हें पुत्र असलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर बीएनएस की धारा 329 (3) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2 व 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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