
मेरठ : मेरठ से सटे सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दो दिन पहले हुई जघन्य घटना दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस गंभीर मामले के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं और गांव की सभी मार्गों को पूरी तरह सील कर दिया है।
सुरक्षा बढ़ाई गई, अटेरना पुल पर बैरिकेडिंग
नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण के कपसाड़ दौरे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। एसपी देहात स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं। अटेरना पुल पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा, गांव की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है, जिससे बाहरी व्यक्तियों का गांव में प्रवेश फिलहाल प्रतिबंधित है।
सपा नेताओं और मीडिया कर्मियों को प्रवेश से रोका गया
प्रशासन की तरफ से सपा नेताओं को काशी टोल पर रोका गया। इसमें सपा महिला जिला अध्यक्ष मृदुला यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष इशार जहां, नजमा महारगर अध्यक्ष, सांसद सुमन लाल, राजलक्ष्मी सहित अन्य नेताओं को रोक दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि हालात सामान्य होने तक किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल या मीडिया कर्मियों को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल स्थानीय ग्रामीणों को पहचान और सत्यापन के बाद ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है।
हत्या और अपहरण के मामले में लगातार दबिश
दो दिन पहले की घटना में अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण कर लिया गया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की निर्मम हत्या कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार दबिश दी जा रही है और प्रशासन का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
गांव में तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद कपसाड़ गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बल सतर्क हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति, राजनीतिक प्रतिनिधि या मीडिया कर्मी को फिलहाल गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन और पुलिस का मुख्य ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी अप्रिय घटना को रोकना है।










