जैसलमेर में सुरक्षा पर खतरा: रामगढ़ थर्मल पावर प्लांट के ऊपर संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि

जैसलमेर : भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले में सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। रामगढ़ कस्बे में स्थित गैस आधारित थर्मल पावर प्लांट के ऊपर प्रतिबंधित क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखी गई, जिसके बाद प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस घटना ने सीमावर्ती इलाके में संभावित खतरे की आशंका को और गहरा कर दिया है।

रात में दिखा ड्रोन, एक घंटे तक करता रहा चक्कर
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे थर्मल पावर प्लांट के ऊपर आसमान में तेज रोशनी वाला एक ड्रोन दिखाई दिया। ड्रोन की चमक काफी दूर से नजर आ रही थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि ड्रोन लगभग एक घंटे तक पावर प्लांट और आसपास के क्षेत्र में मंडराता रहा। रात करीब 11 बजे के बाद वह अचानक गायब हो गया।

प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
गौरतलब है कि जैसलमेर जिला प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा कारणों के चलते बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। सीमावर्ती क्षेत्रों, सामरिक प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के ऊपर ड्रोन उड़ाना पूरी तरह निषिद्ध है। इसके बावजूद इस तरह की गतिविधि सामने आना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

पुलिस बोली—हर एंगल से हो रही जांच
रामगढ़ थाना प्रभारी भूटाराम विश्नोई ने बताया कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। ड्रोन की उड़ान की दिशा, ऊंचाई, समयावधि और उद्देश्य की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन सीमा पार से संचालित किया गया था या किसी स्थानीय व्यक्ति ने नियमों की अनदेखी कर इसे उड़ाया।

सामरिक रूप से अहम है थर्मल पावर प्लांट
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि थर्मल पावर प्लांट जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान ‘सॉफ्ट टारगेट’ माने जाते हैं। ऐसे स्थानों की रेकी या निगरानी किसी बड़ी साजिश का संकेत हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित होने के कारण इस पावर प्लांट की सामरिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।

BSF और खुफिया एजेंसियां सतर्क
घटना की जानकारी मिलते ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज के आधार पर ड्रोन की लोकेशन और उड़ान पैटर्न का विश्लेषण किया जा रहा है। तकनीकी टीमें यह भी जांच कर रही हैं कि ड्रोन में कैमरा, सेंसर या कोई अन्य संदिग्ध उपकरण लगे थे या नहीं।

ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन की अपील
ड्रोन की मौजूदगी से रामगढ़ और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ड्रोन जासूसी या किसी हमले के इरादे से आया था, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय
पुलिस ने साफ किया है कि जांच में यदि किसी स्थानीय व्यक्ति, पर्यटक या शौकिया ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आता है, तब भी संबंधित के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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