
- हाथरस में सादाबाद संपूर्ण समाधान दिवस में सहायक शिक्षिका की करूण गुहार, बोली मुझ जिंदा महिला को बैंक ने कर दिया ‘मृत’ घोषित, महीनों से खाता बंद, एलडीएम पर भी दुर्व्यवहार का आरोप
Hathras : हाथरस में सादाबाद तहसील सभागार में लगे तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में जिले में बैंकिंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भारतीय स्टेट बैंक (मुख्य शाखा, हाथरस) ने एक जीवित महिला का खाता मृतक घोषित कर निष्क्रिय कर दिया। पीड़िता पिछले कई महीनों से अपना खाता सक्रिय कराने के लिए बैंक अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है।
मामला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हाथरस में कार्यरत सहायक शिक्षिका कुमुद शर्मा से जुड़ा है। पीड़िता के अनुसार 21 नवंबर 2025 को उन्हें जानकारी मिली कि उनका एसबीआई मुख्य शाखा का खाता ‘डिसीज्ड’ दिखाकर इनएक्टिव कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने लगातार बैंक जाकर, कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कर और ऑनलाइन माध्यम से चेयरमैन सहित उच्चाधिकारियों को ई-मेल भेजकर यह स्पष्ट किया कि वह जीवित हैं, फिर भी खाते को सक्रिय नहीं किया गया है।
शिक्षिका का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में 13 जनवरी 2026 को जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) को भी व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजी, क्योंकि एलडीएम कार्यालय समय में उपलब्ध नहीं रहते थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि शाम करीब सात बजे वह कैनरा बैंक एलआईसी शाखा में एलडीएम से मिलीं, जहां उन्होंने शिकायत पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई और बिना समाधान के उन्हें टाल दिया, जबकि वह अकेले सड़क पर आधे घंटे तक इंतजार करती रहीं, लेकिन उन्हें केवल आवेदन कार्यालय में देने की बात कहकर लौटा दिया गया, जबकि यह जानकारी पहले ही दी जा सकती थी।
शिक्षिका ने बताया कि उनके माता-पिता और पति का पूर्व में निधन हो चुका है और वह अपनी छोटी बच्ची के साथ अकेली रहती हैं। ऐसे में बैंक द्वारा उन्हें मृत घोषित किया जाना और बार-बार यह साबित करने को मजबूर किया जाना कि वह जीवित हैं, उनके लिए गहरा मानसिक आघात और उत्पीड़न है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़िता ने जिलाधिकारी हाथरस के नाम शिकायती पत्र देकर खाते को शीघ्र सक्रिय कराने और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। इधर, इस मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह भी पढ़े : ग्रीनलैंड की चाहत में डोनाल्ड ट्रंप ने 8 देशों पर लगाया 10% टैरिफ, यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका की बढ़ाएगा मुश्किलें











