
झारखंडी : झारखंडी टुकड़ा नंबर एक की रहने वाली 65 वर्षीय आशा देवी और उनकी बेटियां रविवार को अपने ही घर में बेटे और बहू के निर्दय हमले का शिकार हो गईं। घटना में आशा देवी के हाथ और पैर में चोटें आईं, जबकि उनके चार बेटियों उर्मिला, निर्मला, सुनीता और प्रमिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया।
बेटे और बहू ने मां को पीटा
आशा देवी के पति की कई साल पहले मौत हो चुकी है। वे अपने बेटे संजय कुमार और बहू रीना के साथ रहती हैं। आशा देवी ने आरोप लगाया कि उनका बेटा उन्हें खाना नहीं देता और अक्सर मारपीट व गाली-गलौज करता है। बहू रीना भी उन्हें लगातार डांटती रहती हैं।
रविवार को बेटे और बहू ने मिलकर आशा देवी को बेवजह पीट दिया। इस दौरान उनके हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं।
बेटियों पर कुल्हाड़ी से हमला
घटना की जानकारी पाकर आशा देवी की बेटियांउर्मिला, निर्मला, सुनीता और प्रमिला ससुराल से घटनास्थल पर आईं। जब बेटा, बहू और उनका नाबालिग पोता बेटियों से झगड़ा करने लगे, तब संजय कुमार ने अचानक कुल्हाड़ी उठाकर उन पर हमला कर दिया।
हमले में:
- प्रमिला का सिर फट गया।
- निर्मला के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं।
- सुनीता के सिर में गंभीर चोट आई, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
- सभी घायल महिलाओं का उपचार स्थानीय अस्पताल में किया गया।
मां की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
आशा देवी ने बताया कि उनका बेटा बहुत मनबढ़ और बदमाश किस्म का है। वह हमेशा धमकी देता है कि “तुम्हें और तुम्हारी बेटियों को जान से मार दूंगा।” इस पूरे मामले में आशा देवी ने बेटे, बहू और पोते के खिलाफ कैंट थाने में गैर इरादतन हत्या की कोशिश और मारपीट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में त्रासदी और न्याय की गुहार
आशा देवी ने कहा, “तीनों मिलकर मुझे और मेरी बेटियों को लगातार प्रताड़ित करते हैं। हमारे साथ न्याय होना चाहिए।”
इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और पड़ोसियों में भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है।










