डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर रिटायर्ड अफसर से 54.60 लाख की ठगी, नीट छात्र समेत 4 गिरफ्तार

Lucknow : गोमती नगर के एक वरिष्ठ अधिकारी को सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 54.60 लाख रुपये ठगने वाले चार साइबर ठगों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस हाईटेक अपराध में शामिल आरोपियों में एक NEET की तैयारी कर रहा छात्र भी है। डीसीपी क्राइम के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से गिरोह का पर्दाफाश किया और सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।

NIA और ATS अफसर बनकर धमकी:
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि ठगी का यह सिलसिला 13 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ। सरकारी सेवा से रिटायर अधिकारी, गोमती नगर निवासी राजेंद्र प्रकाश वर्मा को एक वॉट्सऐप कॉल आई। जालसाजों ने खुद को NIA और ATS का बड़ा अधिकारी बताया। आरोपियों ने बुजुर्ग अफसर को डराया कि उनके बैंक खाते से 7 करोड़ रुपये की आतंकी फंडिंग हुई है। गिरफ्तारी के डर दिखाकर उन्हें सात दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। जांच के नाम पर जालसाजों ने डरा-धमकाकर पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल 54.60 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

थाईलैंड में बैठे सरगना:
डीसीपी क्राइम ने बताया कि राजेंद्र प्रकाश वर्मा की शिकायत पर साइबर टीम ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए जाल बिछाया और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान मोहम्मद सुफियान 29 निवासी वजीरगंज, मोहम्मद आजम 25 निवासी दुबग्गा, आरिफ इकबाल 27 निवासी आदिल नगर और NEET की तैयारी कर रहे उज्जैर खान 20 निवासी मदेयगंज के रूप में हुई। ये लोग थाईलैंड में बैठे गिरोह के साथ मिलकर लंबे समय से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे।

कैसे साइबर ठगी से बचें:
डीसीपी क्राइम ने जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी CBI, पुलिस, NIA कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान है। ऐसी कॉल आने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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