
- इज्जत लूटने वाला पत्रकार गिरफ्तार, दारोगा फिलहाल फरार
- भीमसेन चौकीप्रभारी की गिरफ्तारी के लिए चार टीम मुस्तैद
- अफसरों को गुमराह करने वाला इंस्पेक्टर विक्रम सिंह निलंबित
- लकड़ी के भाई को बंधक बनाकर कई मर्तबा बदलवाई थी तहरीर
भास्कर ब्यूरो
कानपुर। खाकी वर्दी पर कलंक की नई दास्तां बेपर्दा हुई है। सचेंडी थाने की भीमसेन चौकी के प्रभारी अमित कुमार मौर्य ने अपने पत्रकार साथी के साथ मिलकर नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। दारोगा ने अपने चौकीक्षेत्र में काली स्कार्पियो के अंदर घिनौनी हरकत के बाद मामला दबाने का भरसक प्रयास किया। चौकी इंचार्ज को बचाने के लिए सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने दुष्कर्म की शिकार लड़की के भाई को थाने में बंधक बनाकर कई मर्तबा तहरीर बदलवाकर बदलवाई। दो दिन बाद मामला सुर्खियों में आया और राजनीतिक हलचल शुरू हुई तो पुलिस कमिश्नर की पड़ताल में दारोगा और पत्रकार की दरिंदगी सामने आई। वारदात में इस्तेमाल दारोगा की काली स्कार्पियो को जब्त करने के साथ पत्रकार शिवबरन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दारोगा फरार है। उसे निलंबित करने के साथ गिरफ्तारी के लिए चार टीमों का गठन किया गया है, जबकि मामला दबाने-छिपाने के आरोपी सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है। गुजैनी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा को सचेंडी थाने का प्रभारी बनाया गया है।

पत्रकार ने गांव की लड़की को बनाया शिकार
सचेंडी के भीमसेन इलाके के गांव की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की सोमवार को रात नौ बजे शौच के लिए निकली थी, लेकिन रात 12 बजे तक वापस नहीं लौटी। नौकरी से लौटकर घर आए भाई ने बहन के बारे में पूछा तो लापता होने की जानकारी हुई। खोजबीन के दरमियान नाबालिग रोते-बिलखते हुए घर लौटी और बताया कि, पड़ोसी पत्रकार शिवबरन यादव और उसके साथी दारोगा ने रेलवे लाइन किनारे काले रंग की कार में दुष्कर्म किया है। मंगलवार की सुबह पीड़ित लड़की के भाई ने सचेंडी थाने में गुहार लगाई, लेकिन दुष्कर्मियों में दारोगा का उल्लेख सुनकर इंस्पेक्टर ने दुत्कारते हुए भगा दिया। मामला क्षेत्रीय मीडिया की सुर्खियां बनने लगा तो लड़की के भाई को बुलाकर थाने में बंधक बनाकर सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने तहरीर बदलवाकर मनमर्जी से हल्की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर लिखकर मामला दबाने से परहेज नहीं किया। नाबालिग से दुष्कर्म के बावजूद एफआईआर में पास्को की धारा को नहीं लगाया गया। लड़की के भाई का आरोप है कि, जैसे ही उसने दारोगा अमित मौर्य का नाम लिया, इंस्पेक्टर ने उसे डांटकर थाने से भगा दिया था।
काली स्कार्पियो से हरकतबाजों की शिनाख्त
सचेंडी इंस्पेक्टर ने दारोगा अमित मौर्य को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मंगलवार को मामला सुर्खियों में आया तो डीसीपी-पश्चिम दिनेश त्रिपाठी के सामने पीड़ित लड़की ने बताया कि, जिस काली कार में गंदा काम किया गया है, उसमें पुलिस का स्टीकर लगा था। इसी तथ्य के आधार पर एडीसीपी पश्चिम कपिलदेव सिंह को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। एडीसीपी को जानकारी हुई कि, भीमसेन के निवर्तमान चौकी इंचार्ज अमित मौर्य के पास काली स्कार्पियो है। इसी आधार पर लड़की को स्कार्पियो की फोटो दिखाई गई तो उसने तत्काल पहचान लिया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने पत्रकार शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात आरपीएफ के इंस्पेक्टर की सूचना पर शिवबरन यादव ने अमित मौर्य को गुडवर्क करने के लिए बुलाया था और दोनों रेलवे लाइन के किनारे स्कार्पियो से घूम रहे थे। उधर, शिवबरन की गिरफ्तारी की खबर लगते ही दारोगा अमित मौर्या फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बुधवार को उसे निलंबित करते हुए गिरफ्तार करने के लिए चार टीमों को मुस्तैद किया है।
मूंछदार इंस्पेक्टर निलंबित, दीनानाथ की तैनाती
गंभीर मामले को दबाने और हल्का करने के आरोप में सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह तो तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर गुजैनी थानाप्रभारी दीनानाथ मिश्रा को भेजा गया है, जबकि गुजैनी थाने की कमान जनशिकायत प्रकोष्ठ के राजन शर्मा को सौंपी गई है। गौरतलब है कि, विक्रम सिंह की कार्यशैली लगातार विवादित रही है। गोविंदनगर थाने के प्रभारी के रूप में अधिवक्ताओं से भिड़ गए थे, जबकि हरवंशमोहाल में कारखास के जरिए थाना चलाने के मामले में चौकी इंचार्जों और एसीपी से पंगा हुआ था। पुलिस कमिश्नर की पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि, नामजद शिकायत के बावजूद विक्रम सिंह ने हल्की धाराओ में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर लिखी, साथ ही नाबालिग से दुष्कर्म की घटना में आरोपियों को राहत देने के इरादे से पास्को की धारा लगाने से परहेज किया। पुलिस कमिश्नर ने एफआईआर में अभियुक्तों के नाम खोलने और पास्को की धारा बढ़ाने का आदेश दिया है।
मौर्या का बिठूर तबादला, नहीं छोड़ी चौकी
पड़ताल में सामने आया है कि, आरोपी दारोगा अमित मौर्या का डीसीपी-पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने तीन दिन पहले ही बिठूर थाने में स्थानांतरण किया था, लेकिन उसने अपनी रवानगी नहीं कराई। चर्चा है कि, किसी गुडवर्क के जरिए अफसरों को खुश करने की फिराक में चौकी छोड़ने के लिए अमित तैयार नहीं था। इसी दरमियान, पत्रकार दोस्त शिवबरन यादव ने आरपीएफ के इनपुट के आधार पर गुडवर्क के लिए तैयार किया तो दोनों देर रात रेलवे लाइन के किनारे स्कार्पियो से घूमने निकल पड़े थे। इसी दरमियान, शिवबरन को परिचित लड़की नजर आई तो उसे काली स्कार्पियो में जबरन बैठा लिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दारोगा अमित मौर्या और पत्रकार शिवबरन के बीच सांठगांठ करने की कई शिकायतें मिली हैं। दोनों पर तेल चोरी के खेल में शामिल होने का आरोप है। गौरतलब है कि, सचेंडी में ऑयल लाइन से तेल चोरी का खेल लंबे समय से जारी है।










