
Mumbai : अभिनेत्री रानी मुखर्जी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘मर्दानी 3’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जो 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसी बीच रानी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने 30 साल पूरे होने का जश्न मनाया। इस खास मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक और लंबा पोस्ट शेयर करते हुए अपने तीन दशक लंबे सिनेमाई सफर को याद किया। रानी ने अपनी पहली फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने किसी मास्टर प्लान के साथ नहीं, बल्कि अनजाने में सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था।
90 के दशक को याद करते हुए रानी ने यशराज फिल्म्स के सोशल मीडिया पेज पर लिखा, “30 साल पहले मैं बिना किसी बड़ी योजना के एक फिल्म सेट पर पहुंची थी। यह कोई सपना नहीं था जिसका मैंने पीछा किया हो, बल्कि यह कुछ ऐसा था जिसने मुझे खुद ढूंढ लिया।” उन्होंने आगे लिखा कि वह हमेशा मानती हैं कि दर्शक ही कलाकार की नियति तय करते हैं। 90 के दशक में की गई फिल्मों ने उन्हें उनकी पहचान और दिशा दी, जिसने उनके करियर की नींव रखी।
अपने पोस्ट में रानी ने 2000 के दशक को अपनी “आवाज खोजने का दौर” बताया। उन्होंने ‘साथिया’, ‘ब्लैक’, ‘हम तुम’ जैसी फिल्मों और संजय लीला भंसाली व अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव को खास बताया। रानी ने कहा कि वह हमेशा उन मजबूत महिला किरदारों की ओर आकर्षित रहीं, जो समाज को चुनौती देती हैं, चाहे वह ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’ या ‘मर्दानी’ हो। शादी और मां बनने के बाद भी उनका फोकस कम नहीं हुआ, बल्कि और स्पष्ट हुआ। ‘हिचकी’ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ जैसी फिल्मों ने उनके भीतर की संवेदनशीलता को और गहराई दी। साल 2025 में ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए मिले राष्ट्रीय पुरस्कार को उन्होंने जीवन का बेहद विनम्र और कृतज्ञ पल बताया और अपने इस सफर के लिए दर्शकों का दिल से धन्यवाद किया ।















