
रामनगर : रामनगर के ग्राम सांवल्दे में लकड़ी लेने गई महिला सुखिया देवी की बाघ हमले में मौत के बाद हमलावर बाघ की पहचान वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। घटनास्थल के आसपास तीन बाघों की मौजूदगी ने मामले को जटिल बना दिया है।
अब वन विभाग तीनों बाघों को ट्रैंक्यूलाइज करने की तैयारी कर रहा है। मृतका के शरीर से मिले बाघ के बालों के डीएनए का मिलान इन तीनों वन्यजीवों से किया जाएगा। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही हमलावर बाघ को रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा, जबकि अन्य दो बाघों को जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
वन विभाग ने हमलावर बाघ की निगरानी के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप और ड्रोन का इस्तेमाल किया। कैमरा ट्रैप में बाघिन और दो अन्य बाघों की मूवमेंट दर्ज होने से वनाधिकारियों की चिंता बढ़ गई।
कालागढ़ के एसडीओ अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि बुधवार देर शाम से वन्यजीव चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ट्रैंक्यूलाइज के लिए डेरा जमाकर बैठे थे, लेकिन घंटों प्रयास के बाद सफलता नहीं मिली।
अब वन विभाग की योजना के अनुसार, कैमरा ट्रैप में सबसे अधिक दिखाई देने वाले बाघ को पहले ट्रैंक्यूलाइज किया जाएगा और उसके सैंपल से डीएनए जांच की जाएगी। यदि सैंपल मैच नहीं होता है, तो अन्य दो बाघों का भी ट्रैंक्यूलाइज और डीएनए परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही हमलावर बाघ की पहचान और आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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