
नई दिल्ली। देश में रेल नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में रेलवे विभाग द्वारा एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। बता दें कि आगामी 5 वर्षों में जयपुर, जोधपुर, भोपाल, इंदौर, रायपुर और उज्जैन समेत 48 प्रमुख शहरों को रेलवे हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इन शहरों में रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुनी की जाएगी। साथ ही ट्रेनों की संख्या, प्लेटफॉर्म, टर्मिनल, यात्री सुविधाएं और कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा।
देश में यात्रा की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसके चलते अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों की नई रेल गाडिय़ों के संचालन की क्षमता को वर्तमान स्तर में दोगुना करने की जरूरत है। ऐसे में स्टेशनों की वर्तमान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रेलवे ने अपने मास्टर प्लान के तहत कामों पर जोर दिया है। रेलवे बोर्ड ने एनसीआर में मौजूदा टर्मिनलों पर नए प्लेटफॉर्म को भी जोड़ने का फैसला लिया है। साथ ही ट्रेनों को खड़ा करने, साफ-सफाई और तैयार रखने के लिए स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और शंटिंग की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इन ट्रेनों के रखरखाव के लिए मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स सहित आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही अलग-अलग रूटों पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। इस दौरान रेलवे अधिकारियों की मानें, तो जहां जरूरत होगी वहां मल्टीट्रैकिंग की जाएगी।
इसी बीच दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, पुणे, नागपुर, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, अयोध्या, आगरा, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, वडोदरा, सूरत, मडगांव, कोचीन, पुरी, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति, हरिद्वार, गुवाहाटी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, मैसूर, कोयंबटूर, टाटानगर, रांची और बरेली शहर शामिल है। रेलवे यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और भीड़-भाड़ को कम करने के लिए विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार कर रहे हैं।
साथ ही अनुभागीय एवं परिचालन क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। इस कदम से हमारे रेलवे नेटवर्क का उन्नयन होगा, जिससे राष्ट्रव्यापी संपर्क सुविधा में सुधार होगा।
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