पंजाब सरकार का बड़ा फैसला : बाहरी छात्रों को जबरन वापस न भेजें

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी निजी व सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि दूसरे राज्यों से पढ़ाई करने आए छात्रों को ज़बरदस्ती वापस नहीं भेजा जाए। दूसरे राज्यों से आए विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय और कॉलेज की होगी। इस माहौल में किसी भी प्रकार की परीक्षा को भी स्थगित करें। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक एडवाइजरी भी जारी की है।

मुख्यमंत्री ने आपात स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों के बारे में शनिवार को पत्रकारों से कहा कि आज विभिन्न जिलों के फायर स्टेशनों को 47 करोड़ रुपये की लागत वाले 630 आधुनिक उपकरण और वाहन दिए गए हैं। किसी भी घटना या आपदा के मौके पर ये उपकरण और वाहन लोगों की जान-माल की सुरक्षा में प्रभावी रूप से काम आएंगे।

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उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान पाकिस्तान की तरफ से किए जा रहे धमाकों का असर पंजाब पर हुआ है। यहां कई जिलों में कहीं मिसाइलों के टुकड़े मिले हैं तो कई ग्रेनेड या अन्य विस्फोटक वस्तुएं मिल रही हैं। इस संबंध में पंजाब के अधिकारी लगातार सेना के संपर्क में हैं। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने क्षेत्र में ऐसी कोई भी वस्तु मिलने पर वह स्वयं निगरानी करें और उसे सेना के हवाले कर दें। धमाके वाली जगह पर आम लोग ना जाएं और ना ही किसी भी वस्तु को हाथ लगाने की कोशिश करें, इससे बड़ा नुकसान हो सकता है। यह सुनिश्चित करना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।

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