पुणे बस रेप केस: आरोपी गिरफ्तार, गांववालों की मदद से पुलिस ने पकड़ा…13 टीमें कर रही थीं तलाश

गांववालों की मदद से पुलिस ने पकड़ा

 शिवसेना और एनसीपी ने किया प्रदर्शन

– परिवहन मंत्री ने डिपो के असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट सुपरिटेंडेंट और डिपो मैनेजर के खिलाफ दिए जांच के आदेश


पुणे  । महाराष्ट्र के पुणे में सरकारी बस में 26 वर्षीय महिला से हुए रेप के आरोपी को गुरुवार देर रात पुलिस ने शिरूर से गिरफ्तार कर लिया। पुणे क्राइम ब्रांच के डीसीपी निखिल पिंगले ने बताया कि आरोपी दत्तात्रेय रामदास गडे को गांव के एक बाग (फार्म) से पकड़ा गया।आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान गांववालों ने पुलिस की मदद की। उन्होंने आरोपी को पहचान लिया और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने रात 1:30 बजे उसे पकड़ लिया। आरोपी पर 1 लाख रुपये का इनाम था। अब उसे आगे की जांच के लिए पुणे भेजा गया है।


इस घटना के बाद महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बस डिपो के असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट सुपरिटेंडेंट और डिपो मैनेजर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। दोषी पाए जाने पर उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। साथ ही, डिपो पर तैनात पुराने सुरक्षा कर्मियों को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।


पुणे की डिप्टी कमिश्नर स्मार्तना पाटिल के अनुसार, पीड़िता घरों में काम करती है। 25 फरवरी की सुबह 5 बजे वह अपने गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। आरोपी ने महिला से दीदी, कहां जा रही हो? कहकर बात की और उसे धोखे से बस पार्किंग एरिया की तरफ ले गया।आरोपी ने महिला को झांसा दिया कि उसकी बस दूसरी जगह खड़ी है और वह उसे छोड़ देगा। जब महिला उसके साथ गई तो उसने उसे एक शिवशाही बस में चढ़ने को कहा। वहां अंधेरा था। जब महिला ने लाइट न जलने का कारण पूछा, तो आरोपी ने कहा कि यात्री सो रहे हैं। जैसे ही महिला बस में चढ़ी, आरोपी ने दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता दूसरी बस पकड़कर अपने गांव जा रही थी, लेकिन रास्ते में उसने अपनी एक दोस्त को फोन पर आपबीती सुनाई। दोस्त ने उसे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी महिला से बात करता दिखा, जिससे उसकी पहचान की गई।


इस जघन्य घटना के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने स्वारगेट बस डिपो और पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बस डिपो पर तोड़फोड़ भी की गई।


पुलिस की 13 टीमों ने इस मामले में जांच शुरू की थी। आरोपी को पकड़ने के लिए पुणे से बाहर भी टीमें भेजी गईं। अंततः गांववालों की मदद से पुलिस ने उसे शिरूर के एक बाग से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और जल्द ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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