Prayagraj : आस्था के संग कारोबार भी हुआ फलता-फूलता, माघ मेले में 16 दिन में 450 करोड़ से अधिक का कारोबार

Prayagraj : त्रिवेणी के तट पर चल रहे माघ मेले में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी ने छोटे, मध्यम और बड़े कारोबारियों के कुबेर का खजाना भी खोल दिया है। ट्रेड और कॉमर्स से जुड़ी एजेंसियों के अनुमान ने इस माघ मेले को अब तक के सबसे अधिक रोजगार और कारोबार वाले माघ मेले की कतार में खड़ा कर दिया है।

माघ मेले में 16 दिन में 450 करोड़ से अधिक का कारोबार

संगम तट पर हर साल माघ के महीने में आयोजित होने वाले माघ मेले ने इस साल कई कीर्तिमान दर्ज कर लिए हैं। अपनी बसावट और मेला के बसाने में आवंटित किए गए बजट में बड़ी लकीर खींचने वाले इस माघ मेले ने मेला क्षेत्र में कारोबार में भी बड़ी रेखा खींच दी है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि इस बार मात्र 16 दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के फुटफॉल ने मेला क्षेत्र में दुकानें लगाए पंजीकृत और गैर-पंजीकृत दुकानदारों की पौ बारह कर दी है।

महेंद्र गोयल का कहना है कि मेला प्रशासन का दावा है कि इन 16 दिनों में 10 करोड़ से अधिक लोग मेला क्षेत्र में आए हैं। ऐसे में प्रति व्यक्ति 40 से 50 रुपए मेला में किसी मद में खर्च करता है तो यह आंकड़ा लगभग 450 करोड़ हो जाता है। उनका कहना है कि मेला के समापन तक यह आंकड़ा 1100 करोड़ पार कर सकता है।

फूड और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में सबसे अधिक कारोबार

माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के सहज आवागमन और उनकी बुनियादी जरूरतों के लिए भी माघ मेला प्रशासन मेला क्षेत्र में दुकानों का आवंटन करता है। मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि परेड ग्राउंड में त्रिवेणी बाजार, फूड कोर्ट और इंटरटेंमेंट जोन बनाया गया है। मेला क्षेत्र में छोटे-बड़े सभी दुकानदारों को इसका आवंटन हुआ है। एक तरफ इससे 30 से 35 हजार लोगों को रोजगार का माध्यम मिला है, तो वहीं दूसरी तरफ मेला प्रशासन के लिए इससे राजस्व भी मिला है।

कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि इस बार माघ मेले में फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से ज्यादा आमदनी हुई है, क्योंकि यह ऐसी जरूरत है जिसे श्रद्धालु मेला क्षेत्र में ही पूरा करने में सहजता महसूस करते हैं। इसके अलावा ट्रैवल एक बड़ा सेक्टर है, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या से इस क्षेत्र में बड़ा इजाफा हुआ है।

परेड के त्रिवेणी बाजार में ब्रेकफास्ट और फास्ट फूड कॉर्नर के मालिक सुभाष केसरवानी बताते हैं कि स्नान पर्व के दिनों में उनके यहां इतने ग्राहक आए कि सबको सर्व करना भी मुश्किल था। स्नान करने के बाद ज्यादातर लोग नाश्ते और फास्ट फूड के लिए उनके यहां आते थे। दोपहर या रात का भोजन भंडारों से उन्हें सहज रूप से मिल जाता है।

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