
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शुक्रवार शाम शहर पुलिस के लिए हड़कंप मच गया, जब एक युवक को सीओ (डिप्टी एसपी) की वर्दी पहनकर संदिग्ध तरीके से घूमते हुए देखा गया। शुरुआती तौर पर लोगों ने इसे असली अधिकारी समझ लिया, लेकिन जांच में सामने आया कि युवक फर्जी सीओ था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उसकी पहचान 34 वर्षीय प्रभात पांडे के रूप में हुई। वह सिद्धार्थनगर जिले का निवासी है और मऊ के कोतवाली क्षेत्र स्थित मुंशीपुरा मोहल्ले में डीएसपी की वर्दी पहनकर घूम रहा था। उसने यह वर्दी अपने रिटायर्ड इंस्पेक्टर पिता की थी, जो वर्ष 2025 में यूपी पुलिस से रिटायर हुए थे।
जांच में पता चला कि प्रभात पांडे अपने पिता के साथ वाराणसी में रह रहा था। उसने परिवार को यह कहकर घर से निकला कि वह सिद्धार्थनगर जा रहा है, लेकिन असल में मऊ में अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए सीओ की वर्दी पहनकर मोहल्ले में घूमने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह लोगों पर रौब जमाकर प्रेमिका का पता पूछ रहा था, जिससे शंका और बढ़ गई।
पुलिस ने यह भी पता लगाया कि प्रभात मानसिक रूप से परेशान है और पहले भी ऐसे कई मामले कर चुका है। पूछताछ के दौरान उसने यह भी बताया कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि प्रभात पांडे के खिलाफ पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग और फर्जीवाड़े से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
यह घटना मऊ में कानून और सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी साबित हुई और लोगों में पुलिस वर्दी के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।















