
गुंडागर्दी करने वालों को सबक सिखाना भी हमारी जिम्मेदारी
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिनके घर में हनुमान चालीसा का पाठ करने की संस्कृति, विधि नहीं है, उनका उनके घर पर स्वागत है, वे उनके घर पर आकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं, लेकिन गुंडागर्दी करने वालों को सबक सिखाने की जिम्मेदारी भी हमारी है। यह सब हमें शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने सिखाया है और हम इसका पालन कर रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि वे इन विषयों पर बोलने के लिए जल्द सार्वजनिक सभा का आयोजन करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को बीएमसी के बृहन्मुंबई पावर सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट के नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का उद्घाटन किया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि आपके घर में हनुमान चालीसा को ठीक से कहने की संस्कृति या विधि नहीं है, तो हमारे घर पर प्रेम से आएं। हमारे घर दिवाली, दशहरा पर साधु, संत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के कार्यकाल से ही आते रहे हैं। हम उनका स्वागत करते रहे हैं, लेकिन शिवसेना प्रमुख ने हमें सिखाया है कि अगर कोई हमसे दादागिरी करता है तो उससे कैसे निपटना है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस समय नकली हिंदुत्व की जैसे बाढ़ आ गई है। जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी, उस समय सभी छिप रहे थे, लेकिन शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने सीना ठोक कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। हमें इन नए हिंदुत्व के ठेकेदारों से हिंदुत्व सीखने की जरूरत नहीं है। नए हिंदुत्व के प्रचारक सिर्फ मेरा हिंदुत्व तुम्हारे हिंदुत्व से अच्छा है, इस तरह की स्पर्धा तैयार कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है।














