
New Delhi : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरावा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित की गई है।
इस प्रदर्शनी का शीर्षक “प्रकाश और कमल: प्रबुद्ध व्यक्ति के अवशेष” है। इसमें उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के गांव पिपरावा से प्राप्त भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों, अस्थि-कलशों और रत्न अवशेषों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में छठी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर वर्तमान तक की 80 से अधिक मूर्तियां, पांडुलिपियां, थांगका और अनुष्ठानिक वस्तुएं शामिल हैं। यह प्रदर्शनी भारत की आध्यात्मिक आत्मा और वैश्विक विरासत की रक्षा के संकल्प को दर्शाती है। इन अवशेषों को 127 वर्षों के बाद पिछले साल जुलाई में मंत्रालय की ओर से स्वदेश वापस लाया गया है।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री, राजदूत और राजनयिक कोर के सदस्य, पूजनीय बौद्ध भिक्षु, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विद्वान, विरासत विशेषज्ञ, कला जगत के सम्मानित सदस्य, कला प्रेमी, बौद्ध धर्म के अनुयायी और छात्र उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब तक 642 प्राचीन वस्तुएं भारत वापस लाई गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, सरकार की विरासत संरक्षण की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।














