पता चल गया NEET छात्रा की मौत कैसे हुई? जहानाबाद से खरीदी गई थी नींद की दवा, मेडिकल स्टोर तक पहुंची SIT

Patna NEET Student Death : पटना के चित्रगुप्त नगर में एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की मौत के मामले में एसआईटी ने नींद की दवा के स्रोत का पता लगा लिया है। दवा जहानाबाद के एक मेडिकल स्टोर से खरीदी गई थी, जिसका ऑनलाइन भुगतान हुआ था। पुलिस को छात्रा के मोबाइल में सुसाइड और नींद की दवा की सर्च हिस्ट्री मिली है, जो इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा रही है।

एसआईटी ने पहले ही उस मेडिकल स्टोर तक पहुंच बनाई है, जहां से नींद की दवा खरीदी गई थी। बैच नंबर से डिस्ट्रीब्यूटर का पता लगाया गया, और फिर उस बैच की दवा पटना और जहानाबाद में सप्लाई करने वाले स्टोरों की पहचान की गई। अंततः जहानाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर उस दवा के बारे में जानकारी ली गई। दुकानदार ने बताया कि 27 दिसंबर को उसी बैच की छह पत्तियों वाली दवा खरीदी गई थी, ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से 370 रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ था।

पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि छात्रा ने 24 दिसंबर और 5 जनवरी को अपने मोबाइल पर सुसाइड और नींद की दवा की सर्च की थी। छात्रा 27 दिसंबर को पटना से जहानाबाद गई थी, और 5 जनवरी को वापस हॉस्टल लौटी। 6 जनवरी को बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, और 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि उसकी यूरिन रिपोर्ट में नींद की दवा का डोज पाया गया है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि छात्रा ने घर जाने से पहले और लौटने के बाद इतनी जल्दी यह सर्च क्यों की। इसके साथ ही, छात्रा का मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हॉस्टल में लगे कैमरों की फुटेज में संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है, पर पुलिस उसकी मोबाइल फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि डिलीट हुए डेटा का पता लगाया जा सके।

जांच में यह भी सामने आया है कि 6 से 10 जनवरी के बीच छात्रा को कब और किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, किस उपचार का संचालन हुआ, और किस डॉक्टर की देखरेख में इलाज चल रहा था। पुलिस को एक डायरी या नोटबुक भी मिली है, जिसमें कुछ बातें लिखी हुई हैं, जो जांच के दायरे में हैं। वह डॉक्यूमेंट भी मामले की तहकीकात में मदद कर रहा है।

पूरा घटनाक्रम

  • 27 दिसंबर: छात्रा अपने स्वजनों के साथ पटना से जहानाबाद गई।
  • 5 जनवरी: छात्रा हॉस्टल लौटी।
  • 6 जनवरी: बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती।
  • 11 जनवरी: अस्पताल में मौत।
  • 12 जनवरी: पोस्टमार्टम और शव का प्रदर्शन।
  • 15 जनवरी: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और गिरफ्तारी।
  • 16 जनवरी: मामले का संज्ञान लिया गया और जांच के आदेश।
  • 17 जनवरी: घटनास्थल का निरीक्षण और जांच जारी।

पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि छात्रा की मौत के पीछे के कारणों का सही पता लगाया जा सके।

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