
Lucknow : लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों के लिए एक नई और राहत भरी व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नई प्रणाली के तहत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों और घायलों को शुरुआती 24 घंटे तक निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगा, जिन्हें इलाज के लिए तुरंत पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, जैसे ही मरीज का परचा बनेगा, उसके नाम से एक वर्चुअल खाता खोला जाएगा, जिसमें शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपये डाले जाएंगे। इसी खाते से मरीज की जांच और दवाओं की रसीद काटी जाएगी। यदि इलाज के दौरान यह राशि कम पड़ती है, तो जरूरत के अनुसार खाते में दोबारा धनराशि भी डाली जाएगी।
ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज ने बताया कि यह सुविधा 26 जनवरी से पहले शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए कई स्तर पर तैयारियां की गई हैं। परचा बनाने और रसीद काटने वाले कर्मचारियों को नई प्रणाली के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मरीज के वर्चुअल खाते में धनराशि डालने की जिम्मेदारी मेडिकल सोशल सर्विस ऑफिसर की होगी।
प्रशासन के अनुसार, 10 हजार रुपये की राशि जांच और शुरुआती दवाओं के औसत खर्च को ध्यान में रखकर तय की गई है, क्योंकि सामान्य मामलों में शुरुआती इलाज का खर्च इसी सीमा में रहता है। हालांकि, फिलहाल इस निशुल्क व्यवस्था में केवल जांच और दवाएं शामिल होंगी। इंप्लांट या अन्य महंगे उपकरणों का खर्च इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से संस्थान पर हर महीने दो से तीन करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा। इसके बावजूद प्रशासन ने मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस योजना को लागू करने का फैसला लिया है।
वहीं, राजधानी के अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों—डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी और संजय गांधी पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर—में शुरुआती 24 घंटे का इलाज पहले से ही पूरी तरह निशुल्क है।
केजीएमयू का ट्रॉमा सेंटर प्रदेश में गंभीर घायलों के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां रोजाना करीब 400 मरीज और घायल पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 250 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी या अन्य अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जबकि रोजाना करीब 150 मरीजों को भर्ती किया जाता है। नई व्यवस्था से इन मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा।











