
- हाकिम फंसते है जाम में तब ट्रैफिक सुधारने की कवायद में आती है तेजी
- सड़क किनारे कर रहे अगर वाहन खड़ा तो हो जाए होशियार कट जाएगा चालान
- क्रिसमस से लेकर नए साल के दिन तक राजधानी की सड़कों पर रेंगते रहे सैकड़ों वाहन
- जाम से निजात के लिए पुराना प्लान फेल नए प्लान के तहत राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद तेज
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ दिन बा दिन जाम के झाम में फंसती जा रही है। रोज होने वाले कार्यक्रम वीआईपी दौरे समेत अन्य चीजें होती रहती है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए तमाम उपाय किए गए ई-रिक्शों को जोन वाइज बाटा गया प्रमुख चौराहों पर डायवर्जन किया गया। सड़क के बीच में मौजूद कट बंद किए गए मतलब वो तमाम उपाय कर लिए गए लेकिन राजधानी को जाम से छुटकारा नहीं मिला। लेकिन अब नए रूट प्लान और डायवर्जन के साथ ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तैयारियां हो रही है। ऐसा इस लिए क्योंकि 25 दिसंबर से लेकर नए के आगमन तक राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतर गई। सड़क पर लाखों लोंग उतरे जिसके सुबह से शाम तक सैकड़ों वाहन रेंगते नजर आए जिसमें हाकिम भी फंसे तो यातायात पर शुक्रवार को मंथन हुआ और नया प्लान तैयार किया गया।
यातायात को लेकर हुई मीटिंग में दिए गए दिशा निर्देश
ट्रैफिक को और भी बेहतर किये जाने के लिये आपसी समन्वय बनाकर बेहतर कार्ययोजना बनायी जाये। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिये इससे संबंधित समस्त विभागों एलडीए पीडब्लूडी आदि से सहयोग प्राप्त करते हुए समन्वय बनाकर उनसे सम्बन्धित समस्त कार्यवाही की जाए। शहर में ट्रैफिक का दबाव कम किये जाने के लिए डायवर्जन प्लान को समयबद्ध एवं अवसर विशेष डायवर्जन मैप तैयार कराया जाए तथा पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल स्थायी एवं मोबाइल ड्यूटी के रूप में नियुक्त किये जाएं। इस हेतु यातायात पुलिस को 10 अतिरिक्त रेसर मोबाइल तथा 42 30नि0 प्रदान किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। पार्किंग व्यवस्था में पार्किंग स्थल से ही अलग-अलग मार्गों के माध्यम से प्रवेश और निकास की व्यवस्था हेतु सम्बन्धित विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए जिससे एक मार्ग पर ही अनावश्यक यातायात का दबाव न हो। नो पार्किंग जोन का सख्ती से पालन कराते हुए क्रेन/टोइंग वाहनों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए।सड़क सुधार के दृष्टिगत पूर्व से ही नगर निगम, लोक निर्माण विभाग / एलडीए से समन्वय बनाकर रोड इंजीनियरिंग से सम्बन्धित त्रुटियों का समाधान कराया जाए।व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से बैठक कर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास किया।विभिन्न कार्यक्रमों / आयोजनों की अनुमति देने से पूर्व यातायात की सुगमता के दृष्टिगत मार्ग पर तथा पार्किंग स्थल पर पर्याप्त ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी लगाई जाये। आयोजकों द्वारा ट्रैफिक मार्शलों की ड्यूटी न लगाए जाने पर उनके आयोजन की अनुमति न दी जाये तथा निरस्त माना जाये।. नगर निगम द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर क्रेन लगाकर वाहनों को टो किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य ऐसे मार्गों का चयन किया जाये जहां पर पब्लिक द्वारा मार्ग पर ही वाहन को खडा कर दिया जाता है जिसके कारण यातायात दबाव की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे मार्गों पर भी क्रेन लगाई जाये।इसके अतिरिक्त इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कुछ ही दिनों में ग्रीन कॉरिडोर रोड बनकर तैयार होने जा रहा है। आमजन द्वारा ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग किये जाने से पूर्व ही एलडीए / पीडब्ल्यूडी के पदाधिकारियों के साथ ग्रीन कॉरिडोर मार्ग का भ्रमण करके रोड इंजीनियरिंग की समीक्षा करते हुए यह चिन्हित कर लिया जाए कि यातायात से सम्बन्धित कौन-कौन सी चुनौतियां आ सकती हैं, इसके समाधान हेतु एक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे कि इस मार्ग के साथ-साथ इससे जुड़े अन्य मार्गों पर यातायात का दबाव न पड़े।यह भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है कि आमजन में यातायात नियमों के प्रति सिविक सेंस के विकास तथा भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों की सम्पूर्ण जानकारी यथा कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग / डायवर्जन व्यवस्था तथा वैकल्पिक मार्गों की जानकारी 3-4 दिवस पूर्व ही सोशल /प्रिंट मीडिया के माध्यम से प्रदान की जाए।













