
Lucknow : बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र में 2 जनवरी को शारदा सहायक नहर में मिले अज्ञात किशोरी के शव की पहचान 48 घंटे बाद हो गई। पुलिस के अनुसार, शव सीतापुर जिले के बिसवां थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यौराजपुर (पोस्ट उलरा) निवासी जगदीप सिंह की 16 वर्षीय पुत्री महक कौर का है। महक 15 दिसंबर से लापता थी और उसका शव घर से करीब 55 किलोमीटर दूर नहर में मिला।
परिजनों ने बताया कि 15 दिसंबर को महक सीतापुर स्थित एक शिक्षण संस्थान में बीबीए की परीक्षा देने के लिए बाइक से निकली थी। परीक्षा केंद्र पहुंचने तक वह परिजनों से लगातार संपर्क में रही। दोपहर 1:21 बजे तक उसने व्हाट्सऐप संदेश देखे, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की और फिर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान 16 दिसंबर को कोठरापुर और चंदनपुर के बीच शारदा नहर पुल के पास महक की बाइक और बैग लावारिस हालत में मिले। बैग में पंजाबी भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पिता से माफी मांगते हुए खुद को अपनी गलतियों का जिम्मेदार बताया था।

सुसाइड नोट में किशोरी ने लिखा था…“पापा मुझे नहीं पता कि मैंने क्या बुरा किया किसी का, पर आज आखिरी बार तुमसे माफी मांगती हूं। प्लीज मुझे माफ कर देना। आज के बाद मैं कभी तुम्हारे सपने में भी नहीं आऊंगी, लव यू डैड। मेरी बहुत गलती है, प्लीज मुझे माफ कर देना। आज मेरे कारण मेरी परीक्षा रुक गई। बातें तो तुम्हारे साथ बहुत करनी थीं, पर अब समय खत्म हो गया। डैड, हम किसी की वजह से नहीं, बस अपनी वजह से और अपनी गलतियों के साथ इस दुनिया से जा रही हूं। बस अब रब का सहारा है।”इसके अलावा, उसके मोबाइल में करीब दो सेकेंड का एक वीडियो भी मिला, जिसमें पहले वह अपना चेहरा दिखाती है और फिर कैमरा नहर की ओर घुमा देती है।
उधर, 2 जनवरी की सुबह फतेहपुर क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने शारदा सहायक नहर पुल के नीचे एक शव उतराता देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव बाहर निकाला। मौके से कुछ नकदी, मोबाइल फोन और बाइक की चाबी बरामद हुई। डिजिटल इंटेलिजेंस और मोबाइल के जरिए परिजनों का पता लगाकर उन्हें पहचान के लिए बुलाया गया, जहां उन्होंने शव की पुष्टि की।
परिजनों के अनुसार, महक तीन बहनों में सबसे बड़ी और पढ़ाई में बेहद होनहार थी। उसकी मौत से परिवार सदमे में है और यह सवाल अब भी बना हुआ है कि उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फतेहपुर कोतवाल संजीत कुमार सोनकर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।










