
2016 और 2019 में पाकिस्तान को उसकी प्रायोजित आतंकनीति के लिए सज़ा देने का राजनीतिक साहस दिखा चुकी मोदी सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों को सज़ा देने की मंशा एक बार नहीं, कई बार दोहराई है — “वो समय हम तय करेंगे।” जैसे-जैसे जवाबी कार्रवाई की संभावना गहराती जा रही है, पाकिस्तान के “डीप स्टेट” और सत्ता प्रतिष्ठान में घबराहट साफ झलक रही है। 2019 की तरह इस बार भी वह अंदर ही अंदर खुद से सवाल कर रहा है कि कहीं वैसी ही मूर्खतापूर्ण डींगें न मार बैठे जब उसने अपने नागरिकों से कहा था कि “आराम से सो जाओ”, और फिर SPICE बमों से करारा जवाब मिला।
आगे बढ़ने से पहले यह याद रखना ज़रूरी है कि जब पाकिस्तान की अफगानिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा पर हालात बिगड़े, तो उसी इस्लामाबाद ने भारत से सटी अपनी पूर्वी सीमा पर युद्धविराम की भीख मांगी थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं पहलगाम हमले के बाद भारत अब पाकिस्तान को ‘फ्री पास’ देने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान ने लगातार नौवें दिन सीज़फायर का उल्लंघन किया है। घबराहट भरी प्रतिक्रिया में अब पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने ‘अब्दाली वेपन सिस्टम’ का सफल प्रशिक्षण लॉन्च किया है जो एक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल, जिसकी रेंज 450 किलोमीटर है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, यह लॉन्च ऑपरेशनल तैयारियों की पुष्टि के लिए था और “एक्सरसाइज़ इंडस” का हिस्सा था।
इस परीक्षण को रणनीतिक योजनाओं से जुड़ी इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों, सेना की रणनीतिक बल कमान, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मौजूदगी में अंजाम दिया गया। पाकिस्तानी मीडिया और सरकारी चैनल PTV ने इसे प्रमुखता से दिखाया। लेकिन पाकिस्तान की राजनीतिक जमात अब तक उस झटके से उबर नहीं पाई है, जो भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है।Breaking: Pakistan tests fires surface-to-surface Abdali missile. pic.twitter.com/DPhM6V4MjN
— Sidhant Sibal (@sidhant) May 3, 2025















