
Supreme Court on Dogs : सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान आज न्यायालय ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। पीठ ने कहा कि कुत्तों के मन को पढ़ना संभव नहीं है और यह नहीं कहा जा सकता कि वे कब किसी को काट सकते हैं। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ कर रही है।
इससे पहले, 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और संबंधित संस्थानों को आदेश दिया था कि वे स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत इलाकों से आवारा कुत्तों को हटा दें। साथ ही, इन कुत्तों का नसबंदी और टीकाकरण कराकर उन्हें आश्रयों में स्थानांतरित करने का निर्देश भी दिया गया था।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं को रोकने के लिए यह उपाय जरूरी हैं। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे ताकि मानव जीवन और स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा हो सके।
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