
देहरादून : केदारनाथ यात्रा की तैयारियों में तेजी आई है, अब गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। हिमखंड आने के बाद यह मार्ग बंद हो गया था, लेकिन अब बर्फ हटाकर इसे आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया है। बर्फ के 6 से 10 फीट तक के हिस्सों को काटकर रास्ता साफ किया गया है, जिससे यात्रियों को अब धाम तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी।
सुरक्षा के साथ बर्फ हटाने का कार्य
गौरीकुंड से केदारनाथ तक के मार्ग पर बर्फ हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के 70 मजदूरों की टीम काम कर रही है। ये मजदूर 20 दिन के भीतर 9 किमी लंबे मार्ग पर बर्फ हटाने में सफल रहे हैं। हिमखंड जोन और फिसलन वाली जगहों पर सुरक्षा के लिए मिट्टी और पत्थर का उपयोग किया जा रहा है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
अगले चरण में बर्फ हटाने की योजना
अब दूसरे चरण में, रुद्रा प्वाइंट से हेलिपैड और हेलिपैड से मंदिर तक बर्फ हटाई जाएगी। यह कार्य 10 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एमआई-26 हेलिपैड क्षेत्र से बर्फ हटाना प्राथमिकता में रखा गया है, ताकि हवाई मार्ग से यात्रा करने वालों को कोई समस्या न हो।
केदारनाथ यात्रा की तैयारियां
गौरीकुंड से केदारनाथ तक का पैदल मार्ग अब यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुलभ हो चुका है। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि 10 अप्रैल तक केदारनाथ के सभी प्रमुख स्थानों से बर्फ हटा दी जाएगी, जिससे यात्रा शुरू होने के पहले सभी जगहों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह तैयारी केदारनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले यात्रा करने वालों के लिए एक राहत की खबर है।