साफ पानी नहीं, जवाबदेही भी नहीं: भागीरथपुरा जल त्रासदी पर राहुल गांधी का सरकार से सवाल

इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई भयावह त्रासदी को लेकर आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात कर उनका दर्द साझा किया। गंदा पानी पीने से अब तक 24 लोगों की असामयिक मौत हो चुकी है, जबकि कई नागरिक गंभीर रूप से बीमार हैं।

राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे अस्पताल पहुँचकर दूषित पानी से बीमार नागरिकों से मुलाक़ात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुँचे, जहाँ उन्होंने जल-प्रदूषण से अपने परिजन खो चुके परिवारों से संवाद किया और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर राहुल गांधी ने मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। वहीं, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी।

सरकार के ‘अर्बन मॉडल’ पर सवाल

मीडिया से चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, इंदौर में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा और दूषित पानी पीने से लोगों की जान जा रही है। यही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘अर्बन मॉडल’ की सच्चाई है। स्मार्ट सिटी का वादा किया गया था, लेकिन यहाँ पीने का पानी तक सुरक्षित नहीं है और जो सवाल उठाता है, उसे धमकाया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल इंदौर की नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के कई शहरों की है।
भाजपा सरकार साफ पानी और साफ हवा जैसी बुनियादी ज़िम्मेदारियाँ निभाने में पूरी तरह विफल रही है। इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाना चाहिए और पीड़ितों को उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए। आज भी लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल रहा। निवासी सिर्फ वही मांग रहे हैं जो सरकार का कर्तव्य है। जनता के मुद्दे उठाना मेरी ज़िम्मेदारी है, इसे राजनीति कहा जाए तो भी पीछे नहीं हटेंगे।

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