
New Delhi : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर अपने विचारों और कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वह किसी राजनीतिक मंच पर नहीं, बल्कि फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान के एक वीडियो ब्लॉग में नजर आए, जहां उन्होंने अपने निजी जीवन, खेती के प्रति लगाव और विकास के लिए किए गए व्यक्तिगत त्याग से जुड़े कई अनसुने पहलुओं को साझा किया।
नितिन गडकरी ने बताया कि दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास परिसर में भी वे सीमित स्तर पर खेती करते हैं। यहां मिर्च सहित कई सब्जियां उगाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रकृति और खेती से जुड़ाव उन्हें सुकून देता है। दिलचस्प बात यह है कि उनके सरकारी आवास पर रोजाना 15 से 17 मोर भोजन की तलाश में आते हैं, जो पर्यावरण संतुलन और हरियाली का संकेत है।
महाराष्ट्र में ऑर्गेनिक खेती, AI का हो रहा उपयोग
गडकरी ने बताया कि उनकी पत्नी महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर ऑर्गेनिक खेती कर रही हैं। इस खेती में एक किलो तक वजन वाले बैंगन और प्याज की पैदावार हुई है। इसके अलावा अरहर और चने की दाल भी उगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट की मदद से सैटेलाइट इमेज प्राप्त कर खेतों की निगरानी की जाती है और उसी आधार पर सिंचाई की योजना बनाई जाती है। यह मॉडल भविष्य की स्मार्ट खेती की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
सरल जीवन और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
गडकरी ने कहा कि उनका जीवन एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार की तरह है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें हमारी जरूरत से ज्यादा दिया है, उसी में संतोष रखना ही हमारी सोच है।” उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि होने के नाते नागपुर में रोजाना हजारों लोग उनसे मिलने आते हैं और वह कोशिश करते हैं कि आखिरी व्यक्ति से भी संवाद हो, भले ही कुछ सेकंड के लिए ही सही।
उन्होंने राजनीतिक विरासत को लेकर भी बड़ा बयान दिया। गडकरी ने कहा, “मैंने अपने बेटे से साफ कहा है कि मेरी राजनीतिक विरासत पर मेरे कार्यकर्ताओं का अधिकार है। जिन्होंने मुझे बनाया है, वही इसके हकदार हैं।”
हाईवे के लिए ससुर का घर भी तुड़वाया
पॉडकास्ट के दौरान गडकरी की पत्नी ने एक भावुक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि एक हाईवे परियोजना के लिए उनके मायके का घर तोड़ना पड़ा था। इस पर गडकरी ने स्पष्ट किया कि विकास के रास्ते में कोई भी निजी संबंध आड़े नहीं आने चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत चूने की रेखा खींची गई और पूरा घर तोड़ा गया, बदले में निर्धारित मुआवजा दिया गया। यह उदाहरण उनके विकास-केंद्रित और निष्पक्ष प्रशासनिक रवैये को दर्शाता है।
दिल्ली–देहरादून सफर होगा और आसान
गडकरी ने बुनियादी ढांचे को लेकर एक बड़ी जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून के बीच हाईवे बनकर लगभग तैयार है और अगले 15 दिनों में यह दूरी सड़क मार्ग से मात्र दो घंटे में तय की जा सकेगी। इसके बाद इस रूट पर फ्लाइट से सफर करने का कोई खास मतलब नहीं रह जाएगा। यह परियोजना उत्तर भारत के यातायात और पर्यटन के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है।
नितिन गडकरी के ये विचार और अनुभव न केवल उनके व्यक्तित्व की सादगी को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि कैसे आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।















