
America : अमेरिका के मैरीलैंड में भारतीय मूल की युवा छात्रा निकिता गोदिशाला मर्डर से पूरा देश शोक में डूब गया है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल परिवार और करीबी लोगों को शोकाकुल किया है, बल्कि देशभर में सुरक्षा और न्याय की मांग को भी तेज कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, मैरीलैंड के कोलंबिया में रहने वाली 27 वर्षीय निकिता गोडिशाला की हत्या चाकू से वार कर की गई है। यह घटना नए साल से ठीक पहले हुई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का मानना है कि यह खौफनाक वारदात उसके पूर्व रूममेट अर्जुन शर्मा ने अंजाम दी है। अर्जुन ने हत्या के बाद निकिता को लापता बताकर खुद भारत भागने का प्रयास किया था।
निकिता का शव 3 जनवरी को अर्जुन के अपार्टमेंट से बरामद किया गया। शव पर कई चाकू के घाव थे, जो इस बात का संकेत हैं कि यह हमला सुनियोजित था। पुलिस ने 2 जनवरी को अर्जुन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि निकिता लापता है, लेकिन उसी दिन उसने भारत के लिए फ्लाइट पकड़ ली।
निकिता के पिता, हैदराबाद के आनंद गोडिशाला, ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अर्जुन निकिता का पूर्व प्रेमी नहीं था, बल्कि उनका पूर्व रूममेट था। वह चार लोगों के साथ एक ही अपार्टमेंट में रहता था। पिता ने बताया कि अर्जुन ने निकिता से काफी पैसे उधार लिए थे। जब निकिता भारत जाने से पहले पैसे वापस मांगने गई, तो अर्जुन ने उसे मार डाला और भारत भाग गया।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि निकिता का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए।
कितनी थी कर्ज की रकम?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्जुन ने हत्या से कुछ दिन पहले निकिता से लगभग 4,500 डॉलर (करीब 4 लाख रुपये) उधार लिए थे। उसने 3,500 डॉलर वापस कर दिए थे, लेकिन 1,000 डॉलर की और मांग की थी, जिसे निकिता ने देने से इनकार कर दिया। निकिता की चचेरी बहन, सरस्वती गोडिशाला, ने अमेरिकी दूतावास से इस मामले में शिकायत भी की है।
निकिता ने 31 दिसंबर की रात अपने पिता को फोन कर नव वर्ष की शुभकामनाएं दी थीं। उसके बाद उनका संपर्क टूट गया। पिता का कहना है कि निकिता को जानकारी मिल गई थी कि अर्जुन कई लोगों से कर्ज लेकर भारत भागने की योजना बना रहा था।
निकिता कौन थीं?
निकिता गोडिशाला का जन्म हैदराबाद में हुआ था। चार साल पहले वह अमेरिका गईं और वहां हेल्थ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में मास्टर्स कर चुकी थीं। वह एक प्राइवेट कंपनी में डेटा एनालिस्ट और स्ट्रैटजी विशेषज्ञ के रूप में काम कर रही थीं।
अमेरिकी एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ फर्स्ट और सेकंड डिग्री मर्डर का वारंट जारी कर दिया है। जांच में पता चला है कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है कि हत्या का मुख्य मोटिव क्या था, लेकिन वे अर्जुन को पकड़ने के लिए अमेरिकी फेडरल एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु में गिरफ्तार कर लिया गया है। इंटरपोल की मदद से चली अंतरराष्ट्रीय खोज में उसे पकड़ने में सफलता मिली है। अब उसकी भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निकिता के परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है और कड़ी सजा की मांग की है।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह निकिता के परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। यह घटना विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ा झटका है और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।
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