
आज की बदलती हुई दुनिया में शैक्षणिक नेतृत्व (Academic Leadership) की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीकी बदलावों, वैश्वीकरण, नए शोध मॉडलों और उद्योग की बदलती जरूरतों के बीच वैश्विक विश्वविद्यालय अब पारंपरिक शिक्षण से आगे बढ़कर नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सामाजिक प्रभाव और भविष्य की कौशल-आधारित शिक्षा पर ज़ोर दे रहे हैं। ऐसे समय में एक प्रभावी शैक्षणिक लीडर वह है जो वैश्विक दृष्टिकोण के साथ स्थानीय आवश्यकताओं को समझकर संस्थानों को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
विश्वभर के विश्वविद्यालय आज डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बहु-विषयक शोध, उद्योग–अकादमी गठबंधन, नवाचार आधारित शिक्षण और अंतरराष्ट्रीय छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रमों पर कार्य कर रहे हैं। इस परिवर्तनशील दौर में शैक्षणिक नेतृत्व केवल प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रणनीति, दृष्टि, अनुसंधान विकास, राष्ट्रीय योगदान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने की भूमिका को भी सम्मिलित करता है।

इसी परिप्रेक्ष्य में अलार्ड यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. (डॉ.) सम्राट रे को अपना नया डीन नियुक्त किया है। 20 से अधिक वर्षों के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव, 200+ स्कोपस शोध पत्र, कई पुस्तकों और विभिन्न वैश्विक विश्वविद्यालयों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के साथ, डॉ. रे की उपलब्धियाँ उन्हें असाधारण शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं की श्रेणी में स्थापित करती हैं।
डॉ. रे का अलार्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ना विश्वविद्यालय के उस संकल्प को मजबूत करता है, जिसमें वह अपने स्कूल ऑफ मैनेजमेंट को एक विश्व–स्तरीय बी-स्कूल बनाने की दिशा में अग्रसर है, जिसकी जड़ें भारतीय मूल्यों में firmly rooted हों। डॉ. रे की दृष्टि प्रबंधन शिक्षा को केवल कॉरपोरेट नौकरियों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि वह ऐसे नेताओं का निर्माण करना चाहती है जो समाज, उद्योग, राष्ट्र और वैश्विक विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
उनका लक्ष्य है- एक ऐसा ग्लोबल बी-स्कूल, जिसकी सोच अंतरराष्ट्रीय हो, पर आत्मा भारतीय। वह शिक्षा में राष्ट्रीय हित, नैतिकता, नवाचार, और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च स्थान देते हैं।

डॉ. रे के नेतृत्व में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की कई नई पहलों की शुरुआत होने की उम्मीद है, जैसे:
- उच्च स्तरीय शोध संस्कृति और वैश्विक प्रकाशन को बढ़ावा
- उद्योग–केंद्रित पाठ्यक्रम और 21वीं सदी की स्किल्स का एकीकरण
- अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एक्सचेंज प्रोग्राम्स
- उद्यमिता, स्टार्टअप और इनक्यूबेशन इकोसिस्टम का विकास
- फैकल्टी विकास, परामर्श और अकादमिक उत्कृष्टता को नई ऊँचाइयाँ
उनकी योजना में उभरते क्षेत्रों- AI आधारित बिज़नेस मॉडल, फिनटेक, ग्लोबल सप्लाई चेन, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन मैनेजमेंट और न्यू-एज लीडरशिप को शामिल करते हुए फ्यूचर-रेडी मैनेजमेंट एजुकेशन तैयार करने पर विशेष जोर है।
डॉ. रे न केवल शोध और शिक्षा में उत्कृष्टता लाते हैं, बल्कि छात्रों में नेतृत्व, नवाचार और वैश्विक सोच की भावना विकसित करने में भी विश्वास रखते हैं। उनका उद्देश्य अलार्ड यूनिवर्सिटी को वैश्विक मानचित्र पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाना है, जहाँ शिक्षा आधुनिक हो, पर राष्ट्रीय गौरव सदैव केंद्र में रहे।
अलार्ड यूनिवर्सिटी में डॉ. सम्राट रे का जुड़ना केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है।
उनके नेतृत्व में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट निश्चित रूप से वैश्विक प्रतिस्पर्धा, राष्ट्रीय योगदान और शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक श्रेष्ठ केंद्र बनकर उभरेगा।















