
महराजगंज। रविवार से शुरु होने जा रहे चैत्र नवरात्र और 31 मार्च को ईद के मद्देनजर जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने मंदिरों और मस्जिदों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए विशेष रणनीति बनाई है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा के निर्देशानुसार जिलेभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है। मंदिरों और ईदगाहों के आसपास पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के साथ-साथ पीएसी की कंपनियां भी सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगी।
चैत्र नवरात्र के दौरान जिले के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मुख्य मंदिरों में पुलिस बल के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। वहीं, ईद के मद्देनजर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम
मंदिरों और मस्जिदों में सुचारू दर्शन और नमाज अदा कराने के लिए पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। संवेदनशील स्थलों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण के लिए समुचित व्यवस्था करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य मंदिरों और ईदगाहों के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही, महिला श्रद्धालुओं और नमाजियों की सुरक्षा को देखते हुए महिला पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम विशेष निगरानी रखेगी, ताकि पॉकेटमारी, छेड़खानी और चैन स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान
चैत्र नवरात्र और ईद को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए हैं। मंदिरों और मस्जिदों के आसपास सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख धार्मिक स्थलों के बाहर पर्याप्त रोशनी और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
घाटों और जलाशयों में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोरों और नावों की व्यवस्था की गई है। वाहनों के सुचारू संचालन के लिए पार्किंग की अलग व्यवस्था की गई है, ताकि यातायात बाधित न हो। संवेदनशील इलाकों में अग्निशमन यंत्र और मेडिकल टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
-सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
धार्मिक सौहार्द और साम्प्रदायिक शांति बनाए रखने के निर्देश
पुलिस प्रशासन ने सभी धर्मगुरुओं और मंदिर-मस्जिद समितियों से अपील की है कि वे आपसी समन्वय बनाकर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखें। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। धार्मिक जुलूसों और ईद की नमाज के दौरान पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि धार्मिक स्थलों के पास किसी भी प्रकार की उत्तेजक नारेबाजी न की जाए।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे नवरात्र और ईद के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। श्रद्धालु और नमाजी पूरी सुरक्षा के साथ बेफिक्र होकर अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान कर सकें, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने कहा कि हर परिस्थिति में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।