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लखनऊ। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सीएसआईआर-एनबीआरआई की प्रयोगशालाओं एवं सुविधाएं आम जन एवं छात्रों हेतु आज दिन भर खुली रहीं।
प्रति वर्ष देश में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस दिन वर्ष 1928 को सर सीवी रमन ने रमन इफ़ेक्ट खोज की घोषणा की थी, जिसके फलस्वरूप उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था। रमन इफेक्ट का उपयोग विभिन्न पदार्थों के विश्लेषण के लिए किया जाता है, जैसे कि उनके रासायनिक संरचना और भौतिक गुणों का अध्ययन करना। इसके साथ रमन इफेक्ट का उपयोग जैविक अनुसंधान में किया जाता है, जैसे कि जैविक अणुओं के अध्ययन और उनके गुणों का विश्लेषण करना।
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विभिन्न उद्योगों में फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और सेमीकंडक्टर्स में में भी रमन इफेक्ट की उपयोगिता है। पर्यावरण अनुसंधान वायु और जल प्रदूषण के अध्ययन में भी इसका उपयोग है।
शुक्रवार को इस वर्ष लखनऊ एवं आस पास के जिलों के 10 विद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं, वनस्पति उद्यान, पादपलय, अभिदर्शन, दूरस्थ अनुसंधान केंद्र, बंथरा आदि का भ्रमण किया। संस्थान के वैज्ञानिकों एवं अन्य विशेषज्ञों की टीम ने पूरे उत्साह से संस्थान के भ्रमण हेतु आये हुए विद्यार्थियों को संस्थान के इतिहास, विभिन्न क्रिया-कलापों, उपलब्धियों और विकसित विभिन्न उत्पादों आदि के विषय में विस्तार से जानकारी दी।