
Moradabad : नए साल की शुरुआत के साथ ही मुरादाबाद रेलवे मंडल में जबरदस्त प्रशासनिक भूचाल आ गया है। रेलवे बोर्ड के एक बड़े और चौंकाने वाले फैसले ने पूरे रेल महकमे में खलबली मचा दी है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद मुरादाबाद मंडल के डीआरएम के पद पर बड़ा बदलाव किया है।
30 जुलाई 2025 को संग्राह मौर्य को मुरादाबाद मंडल डीआरएम पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन रेलवे मंत्रालय और रेलवे बोर्ड द्वारा जारी लेटर में उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। उन्हें पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway – ECoR) में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, मुरादाबाद रेलवे मंडल फिलहाल बिना स्थायी डीआरएम के रहेगा। इस असाधारण स्थिति में उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी श्री राजकुमार सिंह (NFHAG/IRSEE) को अस्थायी डीआरएम बनाकर मंडल की कमान सौंपी गई है। नियमित डीआरएम की नियुक्ति होने तक वे प्रशासनिक, परिचालन और सुरक्षा से जुड़े सभी अहम फैसलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दिल्ली से आया आदेश, अफसरों में मची अफरातफरी
यह आदेश 2 जनवरी 2026 को नई दिल्ली से जारी किया गया। आदेश सामने आते ही मुरादाबाद रेलवे मंडल में अफसरों के बीच तेज हलचल शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में मंडल स्तर पर कड़े फैसले, प्रशासनिक सख्ती और बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।

राष्ट्रपति की मंजूरी से हुआ फैसला
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह तबादला और नई तैनाती राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद की गई है, जिससे फैसले की गंभीरता और महत्व और बढ़ गया है। बदलाव कब पूर्ण रूप से लागू होगा, इसकी अलग अधिसूचना जारी की जाएगी।
खुर्जा ट्रैक घटना के बाद बढ़ी सख्ती
रेलवे सूत्रों के अनुसार, खुर्जा में हाल ही में हुई रेलवे ट्रैक से जुड़ी गंभीर घटना, जिसमें बड़ा हादसा टल गया, उसके बाद रेलवे बोर्ड ने नए साल पर यह सख्त प्रशासनिक फैसला लिया। इसी क्रम में डीआरएम संग्राह मौर्य को मुरादाबाद मंडल से हटाकर ईस्ट कोस्ट रेलवे भेजा गया।
राजकुमार सिंह की वापसी और निरीक्षण
पूर्व में भी मुरादाबाद मंडल के डीआरएम रह चुके राजकुमार सिंह को एक बार फिर मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई। पदभार संभालते ही वे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से खुर्जा तक निरीक्षण के लिए रवाना हो गए हैं। माना जा रहा है कि सुरक्षा, ट्रैक मेंटेनेंस और ऑपरेशनल सिस्टम की गहन समीक्षा की जा रही है।
उच्च अधिकारी चुप, चर्चाओं का बाजार गर्म
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब उच्च अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो कोई भी अधिकारी बयान देने से बचता नजर आया। मामले की संवेदनशीलता के कारण विभाग में चुप्पी साध ली गई है, लेकिन रेल कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।
नजर अब नए स्थायी डीआरएम पर
डीआरएम जैसे अहम पद पर हुए इस अचानक और बड़े बदलाव के बाद मुरादाबाद रेलवे मंडल में सभी की नजरें नए स्थायी डीआरएम की नियुक्ति पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंडल में कड़े एक्शन, जवाबदेही तय करने और बड़े प्रशासनिक फैसले देखने को मिल सकते हैं। यह बदलाव सिर्फ तबादला नहीं बल्कि आने वाले बड़े प्रशासनिक कार्यवाही का संकेत माना जा रहा है।










