मुरादाबाद : गलत दवा देने का आरोप, मेडिकल स्टोर की लापरवाही से गई बुजुर्ग की जान, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मुरादाबाद। मुरादाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं पर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है. यहाँ एक मेडिकल स्टोर की कथित लापरवाही से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने राज मेडिकल स्टोर पर गलत दवा देने का आरोप लगाया है, जिसके कारण महिला के फेफड़ों में संक्रमण फैल गया और अंततः उनकी जान चली गई. मृतक महिला के पोते, आयुष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की अपील की है।

20 साल से चल रहा था इलाज, फिर भी हुई ये त्रासदी

मृतक पुष्पा देवी (70) संदलीपुर की रहने वाली थीं और पिछले 20 सालों से रुद्रम अस्पताल से अपनी बीमारी का इलाज करा रही थीं. इसी अस्पताल से जुड़े राज मेडिकल स्टोर से वे नियमित रूप से दवाइयां लेती थीं. आयुष का कहना है कि उनकी दादी की दवाइयां हमेशा इसी मेडिकल स्टोर से आती थीं, जिस पर उन्हें पूरा भरोसा था।”मेरी दादी की तबीयत अचानक खराब होने लगी. हमने उन्हें तुरंत कॉस्मोस अस्पताल में भर्ती कराया,” आयुष ने बताया. “डॉक्टरों ने जब जांच की तो पता चला कि उनके फेफड़ों में पानी भर गया था और गंभीर संक्रमण हो गया था.” डॉक्टरों ने जब पुष्पा देवी की दवाओं का पैकेट देखा तो हैरान रह गए।

डॉक्टर ने पुख्ता किया आरोप: “गलत दवा ने ली जान”
कॉस्मोस अस्पताल के डॉक्टरों ने साफ-साफ कहा कि पुष्पा देवी को दी गई दवा गलत थी. “डॉक्टरों ने बताया कि जिस दवा के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और फेफड़ों में संक्रमण हुआ, वह गलत दवा थी. उसी दवा के चलते उनकी दादी की मृत्यु हो गई,” आयुष ने बताया. 25 अगस्त 2025 को पुष्पा देवी का निधन हो गया, जिससे परिवार में मातम पसर गया।

इस गंभीर आरोप के बाद, आयुष ने राज मेडिकल स्टोर पर जाकर संचालक से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें न्याय की बजाय धमकी मिली। “जो तुमसे हो जाए वो कर लो!” 30 अगस्त 2025 को जब आयुष मेडिकल स्टोर के मालिक से इस गंभीर लापरवाही के बारे में बात करने पहुंचे, तो उन्हें उल्टा धमकाया गया. “जब मैं उनसे बात करने गया तो उन्होंने मुझे धमकी दी और कहा कि जो तुमसे हो जाए वो कर लो,” आयुष ने गुस्से में कहा. मेडिकल स्टोर के मालिक के इस रवैये ने पीड़ित परिवार को और भी आहत किया है।

मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार

आयुष ने इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और राज मेडिकल स्टोर के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें. आयुष का कहना है कि उनकी दादी तो चली गईं, लेकिन वे नहीं चाहते कि किसी और परिवार को इस तरह की लापरवाही का शिकार होना पड़े. “मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील करता हूं कि मेरे साथ जो हुआ, वो आगे किसी और के साथ न हो. इस मेडिकल स्टोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी गलतियां दोबारा न हों और लोगों का जीवन सुरक्षित रहे,” आयुष ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा.
यह घटना न सिर्फ राज मेडिकल स्टोर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों के संचालन और दवा वितरण प्रणाली की निगरानी पर भी सवाल उठाती है. यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।

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