
चमत्कार के जरिए लोगों को ठीक करने का दावा करने वाले ईसाई पादरी बजिंदर सिंह को कोर्ट ने रेप और यौन उत्पीड़न का दोषी करार दिया है। सजा का ऐलान 1 अप्रैल को होगा। मामला साल 2018 का है, एक पीडिता ने पादरी बजिंदर सिंह समेत 7 लोगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट ने सबूतों के आभाव में 5 अन्य लोगों को बरी कर दिया।
क्या है मामला:
दरअसल, साल 2018 में मोहाली जिले के जीरकपुर में एक पीड़िता ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर पादरी बजिंदर सिंह समेत कुल 7 लोगों पर केस दर्ज किया था। इसमें बजिंदर सिंह के साथ अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान को नामजद किया गया था। मामले में पुलिस ने आईपीसी (IPC) की धारा 376, 420, 354, 294, 323, 506, 148 और 149 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में दायर चार्जशीट में कहा था कि ताजपुर गांव में ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विज्डम’ चलाने वाला पादरी बजिंदर सिंह ने जालंधर में नाबालिग पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें की थीं। बजिंदर ने उसका फोन नंबर लेकर अश्लील मैसेज भेजे थे। इसके अलावा उसे चर्च में अकेले केबिन में बैठाना शुरू कर दिया था और वह वहां उसके साथ गलत हरकतें करता था।
इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार (28 मार्च, 2025) को मोहाली की पॉक्सो अदालत ने आरोपित पादरी बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया। जिस वक्त कोर्ट ने बजिंदर सिंह को यौन उत्पीड़न और बलात्कार का दोषी माना उस वक्त वह कोर्ट में ही मौजूद था। हालांकि कोर्ट ने अभी सजा का ऐलान किया है। सजा के लिए कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 1 अप्रैल की तारीख तय की है। साथ ही इस मामले में कोर्ट ने 5 अन्य आरोपितों को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया।