
Mau : उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सदर तहसील अंतर्गत परदहा ब्लॉक के ओनाइच गांव में ग्राम प्रधान पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम प्रधान की मौत के बाद प्रशासन द्वारा किए गए मनोनयन को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ओनाइच गांव की ग्राम प्रधान सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित थी। वर्तमान ग्राम प्रधान भी अनुसूचित जाति की महिला थीं। उनका 17 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। इसके बाद प्रशासन ने रिक्त पद पर ओबीसी वर्ग के पुरुष को मनोनीत कर दिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
शुक्रवार को ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। धरना प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित सीट पर पिछड़ा वर्ग के पुरुष का मनोनयन नियम और संविधान दोनों के खिलाफ है।
मामले की जानकारी मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट रमेश बाबू ने कुछ ग्रामीणों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कराई और उनकी समस्या रखी, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण असंतुष्ट नजर आए।
ग्रामीण हरेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति के पांच सदस्य मौजूद हैं। इसके बावजूद किसी को प्रधान न बनाकर ओबीसी वर्ग के पुरुष सुधाकर यादव को मनोनीत कर दिया गया। ग्रामीणों ने डीपीआरओ से मुलाकात की। यहां भी कोई हल न निकला।
ग्रामीणों की मांग है कि जिस शासनादेश के तहत यह प्रक्रिया पूरी की गयी, उसे सार्वजनिक किया जाए और अनुसूचित जाति महिला सीट पर उसी वर्ग की महिला को ग्राम प्रधान बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी संवैधानिक मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।











