
- सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अफसर बन मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने का दिखाया डर, 9 मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद
Mathura : जनपद की साइबर थाना पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला समेत पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मथुरा की एक महिला को डरा-धमका कर उसके खाते से 2 करोड़ 4 लाख रुपये पार कर दिए थे। गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर जाल में फंसाया
एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ठगों ने पीड़िता को फोन कर खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का बड़ा अधिकारी बताया। आरोपियों ने महिला से कहा कि उसके आधार कार्ड और सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग जैसी बड़ी आपराधिक गतिविधियों में हुआ है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर महिला को घंटों वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा गया।
फर्जी नोटिस भेजकर हड़प लिए दो करोड़
ठगों ने पीड़िता का विश्वास जीतने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी सरकारी नोटिस भेजे। इसके बाद ‘बैंक खातों की जांच’ और ‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर दबाव बनाकर महिला से 2.04 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने साइबर थाने में गुहार लगाई।
ये सामान हुआ बरामद
साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जाल बिछाया और पांच अभियुक्तों को धर दबोचा। इनके पास से पुलिस ने बरामद किया है:
09 मोबाइल फोन और 09 सिम कार्ड
09 एटीएम कार्ड
03 पैन कार्ड और 02 आधार कार्ड
11 बैंक खातों से जुड़े फर्जी दस्तावेज
पुलिस की अपील
फोन पर नहीं होता डिजिटल अरेस्ट साइबर पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, पुलिस या ED) फोन या वीडियो कॉल के जरिए किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। ऐसी कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।










