
- मदिरा से साल दर साल गहरा होता जा रहा मथुरा का नाता
- आबकारी विभाग को पांच महीने 432 करोड की मदिरा और पिलानी है
Mathura : वृंदावन में सरकारी मदिरा की दुकानों को जबरन बंद कराने का मामला इस समय सुर्खियों में है। पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि शुक्रवार को न्यायालय से जमानत मंजूर हो गई थी। जेल भेज गये लोगों को संत महंतों का समर्थन मिला है, वहीं समर्थन में शनिवार को भी लोग कचहरी परिसर पहुंचे थे। दूसरी ओर मदिरा से मथुरा जनपद का नाता गहरा होता जा रहा है। साल दर साल मथुरा जनपद में शराब की खपत बढ रही है।
जनपद को चालू वित्तीय वर्ष में अंग्रजी मदिरा, देशी मदिरा, बीयर और भांग की कुल बिक्री के लिए 904 करोड़ का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुंआ है। आबकारी विभाग लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत मदिरा की बिक्री करने की स्थिति में है। 904 करोड के सापेक्ष चालू वित्त वर्ष सात महीने में यानी अक्टूबर तक 515 करोड़ रुपये की मदिरा आबकारी विभाग बेच चुका है। इस वित्त वर्ष में अभी पांच माह शेष बचे हैं। विभाग को शासन से प्राप्त लक्ष्य को शत प्रतिशत हासिल करने के लिए पांच माह में 432 करोड़ रूपये की शराब और बेचनी होगी। सर्दी के मौसम में बिक्री बढती है। नव वर्ष पर भी बिक्री अधिक होगी। आबाकरी विभाग को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत से अधिक शराब की बिक्री की जा सकेगी। इस पर काम करते हुए विभाग द्वारा आवंटित दुकानों पर सात माह के दौरान अक्टूबर 2025 तक 515 करोड़ 17 लाख रुपए की मदिरा बेची जा चुकी है।
चालू वित्त वर्ष में बियर का कुल लक्ष्य 194 करोड रूपये का मिला है। जनपद मथुरा का इस वर्ष के अंत तक ठेका समाप्ति के दौरान एक करोड़ लीटर देसी शराब बेचने का लक्ष्य मथुरा जनपद आबकारी विभाग प्राप्त कर सकता है। जबकि शासन से देसी शराब कुल 45 लाख लीटर बेचने का लक्ष्य मिला है।
साल दर साल बढ रही शराब की खपत
चालू वित्ता वर्ष में 904 करोड़ का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुंआ है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 79 लाख लीटर देसी-विदेशी शराब की बिक्री हुई थी, जबकि 2024-2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 94.7 लाख लीटर तक पहुंच गया। इसमें सबसे ज्यादा 54 लाख लीटर विदेश मदिरा की बिक्री हुई है। इससे आबकारी विभाग को 78 करोड़ रुपये का राजस्व इजाफा हुआ है।
इस साल बिकी मदिरा
अप्रैल 2025 में कुल 83 करोड रुपये की मदिरा बिक्री हुई। मईं माह में 78 करोड रुपए जबकि जून माह में 71 करोड रुपए, जुलाई माह में 65 करोड रुपए, अगस्त माह में 67 करोड रुपए, सितंबर माह में 64 करोड रुपए और अक्टूबर माह 2025 में 75 करोड रुपए की बिक्री अभी तक की जा चुकी है। अंग्रेजी शराब का 305 करोड रुपए का लक्ष्य बकाया है जिसे आबकारी विभाग 350 करोड रुपए तक ले जाने की उम्माीद कर रहा है। भांग का कुल लक्ष्य 3 करोड़ 5 लाख रुपए है। प्रत्येक दुकान को लक्ष्य के हिसाब से भांग उपलब्ध कराई जाती है।
सदर तहसील में बिकती है सबसे अधिक शराब
तहसील सदर में 112 दुकान, छाता तहसील में 82 दुकान, मांट तहसील में 94, महावन तहसील में 72 और गोवर्धन तहसील में 53 दुकान का चालू वित्त वर्ष के लिए आवंटन किया गया था। इसमें सर्वाधिक लक्ष्य 40 प्रतिशत लक्ष्य सदर तहसील से प्राप्त किया है। जिसमें वृंदावन भी शामिल है।










