
मंडी। शहर की प्यास बुझाने वाली ऊहल पेयजल योजना अब बार-बार बाधित नहीं होगी। स्कोर गांव के पास इसकी मुख्य पाइपलाइन का अलाइनमेंट बदला जाएगा। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को समस्या के स्थायी समाधान के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी शहर को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप-मुख्यमंत्री ने ऊहल नदी से मंडी शहर तक आने वाली योजना की मुख्य पाइपलाइन का निरीक्षण किया। हाल ही में आई आपदा और भारी बारिश के कारण पहाड़ दरकने से लगभग 28 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन को कई स्थानों पर गंभीर नुकसान पहुंचा था, जिससे शहर की जलापूर्ति बार-बार बाधित हो रही थी।
उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह योजना शहर की जीवनरेखा है और इसके स्थायीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर मौसम में लोगों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र वैद्य ने प्रस्तावित सुधार कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। मौके पर मिल्क फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष चेतराम ठाकुर, एसडीएम रूपिंद्र कौर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईआईटी मंडी की सलाह पर होगा री-अलाइनमेंट
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के विशेषज्ञों से स्थल का निरीक्षण कराया गया था। उनकी सिफारिशों के आधार पर अब पाइपलाइन का री-अलाइनमेंट किया जा रहा है। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हिस्से को बाइपास करते हुए 970 मीटर लंबी नई ग्रैविटी मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसका व्यास 450 मिलीमीटर होगा।
16 एमएलडी पानी की होती है आपूर्ति
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार रियागड़ी से मंडी तक आने वाली इस योजना से प्रतिदिन लगभग 16 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। इस पर शहर की 50 हजार से अधिक आबादी निर्भर है। स्कोर गांव के पास करीब 300 मीटर का हिस्सा लगातार भूस्खलन की जद में आ रहा था, जिसे अब बाइपास किया जाएगा। इससे न केवल बार-बार मरम्मत पर होने वाला खर्च बचेगा, बल्कि जलापूर्ति भी निर्बाध बनी रहेगी।










