
लखनऊ : केजीएमयू में धर्मांतरण व लव जिहाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. सोमवार को केजीएमयू के डॉक्टरों ने बैठक कर फैसला लिया है कि 13 जनवरी को अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी, बाकी ओपीडी बंद रहेगी. बैठक में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर 24 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो अनिश्तिकाल के लिए ओपीडी की सेवा स्थगित कर दी जाएगी. वहीं केजीएमयू धर्मांतरण व लव जिहाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है.
बता दें, बीते शुक्रवार को महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव केजीएमयू कुलपति कार्यालय पहुंची थी, उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था. इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. 72 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. यहां तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई. इसे लेकर चिकित्सक व कर्मचारी संघ ने नाराजगी जताई है.
अपर्णा यादव के समर्थकों ने की थी तोड़फोड़ : केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया, बीते शुक्रवार को केजीएमयू कुलपति कार्यालय में ऐसी घटना हुई, जो अब तक कभी नहीं हुई थी. कुलपति कार्यालय में घुसकर के महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थकों ने काफी हंगामा किया था, यहां तक की जिस वक्त अपर्णा यादव पहुंचीं, उस वक्त भी समर्थकों ने जमकर हंगामा किया. तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति का नुकसान किया. महिला कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई. प्रथम तल पर चल रहे एमबीबीएस की परीक्षा में बैठे स्टूडेंट्स को भी दिक्कत हुई. उन्होंने कहा कि इस तरीके से उन्हें नहीं करना चाहिए था.
कुलपति पद की गरिमा को पहुंचा ठेस : उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने के बाद वह ब्राउन हाल में गए और ऐसे विषयों पर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जो की विषय किसी भी तरह से सही साबित नहीं होते हैं. धर्मांतरण मामले में पुलिस जांच कर रही है. विशाखा कमेटी ने भी डॉक्टर मलिक को दोषी पाया है, उसे केजीएमयू से निकाल दिया गया है. फिर किस बात के लिए इतना आक्रोश दिखाया गया. यहां तक की कुलपति पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई गई.
प्रदर्शनकारियों पर हो कार्रवाई : उन्होंने कहा कि अब केजीएमयू के चिकित्सक चुप नहीं बैठेंगे. चिकित्सा, कर्मचारी, स्टाफ एवं नर्स सभी मिलकर प्रदर्शन करने बैठेंगे. जिन उपद्रवियों ने कुलपति कार्यालय में घुसकर प्रदर्शन किया उन पर कार्रवाई हो. इसके लिए मंगलवार से ओपीडी सेवाएं बंद की जाएगी, सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही चलेंगी. गंभीर मरीज इमरजेंसी केजीएमयू ट्रामा सेंटर में इलाज कर सकते हैं.
राज्यपाल से मिलीं कुलपति : डॉ. केके सिंह ने बताया कि केजीएमयू कुलपति ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की. उन्होंने बीते शुक्रवार को हुई घटना के बारे में जानकारी दी.
आयोग की अध्यक्ष बोलीं- कुलपति को भागना नहीं चाहिए था : उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बीते शुक्रवार को केजीएमयू कार्यालय पहुंचीं थीं, जहां पर उनके पद का भी सम्मान नहीं किया गया. 10 मिनट तक उन्हें रोका गया. महिला आयोग के सदस्य, उपाध्यक्ष और अध्यक्ष को इतनी अनुमति है कि वह कहीं भी औचक पहुंच सकती हैं.
आयोग का काम ही यही है. जहां तक मुझे जानकारी मिली है अपर्णा यादव ने जब उनसे बात हुई थी कहा था कि किसी दिन पहुंचेंगे. अगर वह पहुंच ही गईं थी तो कुलपति को पीछे के रास्ते से भागने की जरूरत नहीं थी. दो मिनट उनसे मुलाकात कर लेतीं. फिर जहां जाना था. चली जातीं. उन्होंने उनके पद का भी सम्मान नहीं किया.










