
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने जबरदस्त सफलता हासिल की है। ठाणे के मुंब्रा क्षेत्र में AIMIM ने अपने मजबूत प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। इस चुनाव में विशेष रूप से 22 वर्षीय सहर शेख ने अपने तेजतर्रार भाषण और शानदार जीत के साथ सुर्खियां बटोरी हैं। वह पार्टी की सबसे युवा पार्षद बनकर अपने समर्थकों का मन जीतने के साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।
सहर शेख का तीखा हमला और ‘पेंट मुंब्रा ग्रीन’ का नारा
जीत के बाद अपने भाषण में सहर शेख ने विरोधियों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके विरोधियों का मानना था कि AIMIM को चुनाव से पूरी तरह नाकाम कर देंगे, लेकिन पार्टी ने रणनीति और दृढ़ संकल्प के साथ चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने खुद को ‘शेर की बच्ची’ बताया और कहा कि उनके खिलाफ ‘गिद्धों की पूरी फौज’ उतरी थी, पर वे सफल रहीं।
सहर ने अपने विजन का भी उल्लेख किया और कहा, “अगले पांच सालों में मुंब्रा के हर उम्मीदवार AIMIM से होंगे। मुंब्रा को पूरी तरह से ग्रीन रंग से रंगना है।” यह ‘ग्रीन’ स्लोगन AIMIM के झंडे का रंग है। उन्होंने दावा किया कि वोटरों ने पैसे, ताकत और साजिशों को नकार दिया है और AIMIM के चुनाव चिन्ह ‘पतंग’ पर भरोसा जताया है।
हालांकि, उनका यह स्लोगन विवाद का विषय बन गया है। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास माना है। साथ ही, सहर ने NCP (शरद पवार गुट) पर भी कटाक्ष किया और कहा कि NOTA को मिले वोट NCP से अधिक हैं, जो कि पार्टी की हार का शर्मनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि मुंब्रा ने साबित कर दिया है कि अब लोग असली विकल्प चुन रहे हैं।
AIMIM की शानदार सफलता और क्षेत्रीय प्रभाव
असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM ने इस चुनाव में कुल 131 सीटों में से 5 पर जीत हासिल की है। मुंब्रा में AIMIM का प्रदर्शन खास रहा है। वहां के कई वार्डों में पार्टी के उम्मीदवार विजेता बने हैं।
बता दें कि मुंब्रा के वार्ड 30 में AIMIM ने सभी चार सीटें जीती हैं। इस क्षेत्र में पार्टी का प्रभाव स्पष्ट रूप से बढ़ता नजर आ रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल पाया है, जबकि शिवसेना (UBT) सिर्फ एक सीट पर सिमट गई है।
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