Lucknow : स्मार्ट प्री-पेड मीटर पर बवाल, उपभोक्ताओं ने लगाई बड़ी कंपनियों पर फेल मीटर की आरोप

Lucknow : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्री-पेड मीटर को लेकर बवाल अब खुलकर सड़कों से नियामक आयोग तक पहुँच गया है। उपभोक्ता संगठनों का आरोप है कि ये मीटर ‘स्मार्ट’ कम और ‘लूटस्मार्ट’ ज्यादा हैं। दूसरी तरफ पावर कॉर्पोरेशन इसे दुनिया का सबसे पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी कदम बता रहा है। शुक्रवार को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में लोकहित याचिका दाखिल कर पूरे मामले में हाई-लेवल जाँच और स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने पर तत्काल रोक की माँग की है।

उपभोक्ताओं के गंभीर आरोप
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के चेयरमैन अरविंद कुमार से मुलाकात कर याचिका सौंपी। याचिका में सनसनीखेज दावे किए गए हैं:

दो बड़ी कंपनियाँ – लिंकवेल टेली सिस्टम प्रा. लि. और एप्पलटोन इंजीनियर्स प्रा. लि. – के सिंगल फेज स्मार्ट मीटर पहले ही मानक परीक्षण में फेल हो चुके हैं।
डिस्प्ले में गड़बड़ी, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की घटिया क्वालिटी और मीटर का तेज चलना आम शिकायतें हैं।
सबसे बड़ा आरोप – इन मीटरों में बड़े पैमाने पर चीनी कंपोनेंट्स का इस्तेमाल हो रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
बावजूद इसके ठेकेदारों को हजारों करोड़ का भुगतान किया जा रहा है।

परिषद की माँगें

सभी कंपनियों के स्मार्ट मीटर के सैंपल तुरंत केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (CPRI) भेजे जाएँ।
जाँच रिपोर्ट आने तक सभी कंपनियों का भुगतान रोक दिया जाए।
चीनी पार्ट्स की जाँच NIELIT या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता को पोस्ट-पेड या प्री-पेड – दोनों में से कोई एक विकल्प चुनने का अधिकार दिया जाए।
जब तक सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिकाओं का फैसला न आए, प्री-पेड मोड जबरन न थोपा जाए।

पावर कॉर्पोरेशन का पक्ष
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रवक्ता ने कहा:

अब तक 3.41 लाख चेक मीटर (समानांतर मीटर) लगाए गए हैं, जिनमें एक भी स्मार्ट मीटर तेज नहीं चला।
कुछ संगठन नियामक आयोग के टैरिफ ऑर्डर की गलत और भ्रामक व्याख्या कर रहे हैं।
आयोग ने स्पष्ट कहा है कि उपभोक्ता की सहमति के बिना प्री-पेड मोड में नहीं बदला जा सकता।
स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी रुकेगी, लाइन लॉस घटेगा और उपभोक्ता को रियल-टाइम खपत की जानकारी मिलेगी।

उपभोक्ताओं की तकलीफें
ग्रामीण और शहरी इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही हैं:

  • रिचार्ज खत्म होते ही बीच रात में बिजली गुल।
  • गर्मी में फ्रिज-कूलर बंद, बच्चों के साथ परेशानी।
  • रिचार्ज सेंटर दूर, ऑनलाइन रिचार्ज में भी दिक्कत।
  • कई जगह मीटर फास्ट चलने की शिकायत, बिल दोगुना-तिगुना।

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