
Lucknow : संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत संस्कृति निदेशालय के अधीन कार्यरत स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा माघ मेला-2026 के पावन अवसर पर दिनांक 03 से 30 जनवरी, 2026 तक प्रयागराज में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं आध्यात्मिक चेतना के त्रिवेणी संगम का सजीव प्रतीक होगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि त्रिवेणी संगम की पुण्यभूमि प्रयागराज में आयोजित माघ मेला प्राचीन काल से हीतप, साधना, स्नान, दान एवं सत्संगकी परंपरा का केंद्र रहा है। इसी आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित होकर आयोजित होने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शास्त्रीय, लोक एवं भक्ति परंपराओं के माध्यम से भारतीय जीवन दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान करेंगी।
उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कला एवं साहित्य जगत से जुड़े अतिविशिष्ट एवं ख्यातिलब्ध कलाकारों के चयन एवं मानदेय निर्धारण की प्रक्रिया के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शास्त्रीय संगीत (ध्रुपद, खयाल), वाद्य संगीत (सितार, सरोद, बांसुरी, पञ्चनाद, वाद्यवृंद), शास्त्रीय नृत्य एवं नृत्य-नाटिका (कथक, ओडिसी), लोकनृत्य (ढेढिया, करमा, मयूर, फरुवाही, अवध लोकनृत्य, फूलों की होली, पाई डण्डा), भजन, कबीर वाणी, सुंदरकांड, शंख वादन, शास्त्रीय / उप-शास्त्रीय गायन, भजन एवं देशभक्ति प्रस्तुतियां सम्मिलित होंगी।
इस अवसर पर जयवीर सिंह, माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश ने कहा कि “माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा की जीवंत अभिव्यक्ति है। संस्कृति निदेशालय द्वारा आयोजित ये सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हमारी शास्त्रीय एवं लोक परंपराओं को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते हुए जनमानस में संस्कार, समरसता और सांस्कृतिक गौरव का भाव जाग्रत करेंगी। प्रयागराज की पावन भूमि पर कला और अध्यात्म का यह संगम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और सुदृढ़ करेगा।”
प्रयागराज में आयोजितमाघ मेला-2026 के अंतर्गत सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को और अधिक गरिमा प्रदान करने के उद्देश्य से देश के सुप्रसिद्ध एवं ख्यातिलब्ध सेलेब्रिटी कलाकारों को आमंत्रित किए जाने का प्रस्ताव है। इन कलाकारों की प्रस्तुतियाँ लोक, भक्ति, शास्त्रीय एवं समकालीन संगीत की विविध विधाओं के माध्यम से माघ मेले की सांस्कृतिक संध्याओं को विशेष रूप से आकर्षक, भावपूर्ण एवं स्मरणीय बनाएँगी। कलाकारों में सुप्रसिद्ध लोकगायिकामालिनी अवस्थी, शास्त्रीय एवं भक्ति संगीत की चर्चित गायिका
ममता जोशी, मैहर घराने की परंपरा से जुड़ामैहर बैंड (उत्तम पाण्डेय), भजन सम्राट अनूप जलोटा तथा युवा वर्ग में अत्यंत लोकप्रिय आध्यात्मिक लोक फ्यूज़न समूह कबीर कैफ़े सम्मिलित हैं। मकर संक्रांति के उपरांत ऋषि सिंह, मौनी अमावस्या के उपरांत सुरेश शुक्ला, प्रतिभा सिंह बघेल एवं पियूषा कैलाश, जबकि बसंत पंचमी के अवसर पर सैम वर्कशॉप, साधो बैंड, शिवम मिश्रा (अंदाज़ बैंड), स्वाति मिश्रा एवं आकांक्षा त्रिपाठी जैसी विशिष्ट प्रतिभाओं द्वारा प्रस्तुतियाँ कराया जाना प्रस्तावित हैं।
इन सेलेब्रिटी कलाकारों की सहभागिता से माघ मेला-2026 कला, संस्कृति और अध्यात्म के महाउत्सव के रूप में प्रतिष्ठित होगा। श्रद्धालुओं, साध-संतों, पर्यटकों एवं कला-प्रेमियों को संगम तट पर भारतीय संस्कृति की जीवंत, भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होगी, जिससे माघ मेले की गरिमा एवं सांस्कृतिक महत्ता और अधिक सुदृढ़ होगी।
माघ मेला-2026 की ये सांस्कृतिक संस्थाएं श्रद्धालुओं, साधु-संतों, पर्यटकों एवं कला-प्रेमियों को भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक गहराइयों और लोक परंपराओं की समृद्ध धरोहर से जोड़ेंगी। यह आयोजन “कला के माध्यम से अध्यात्म” की अवधारणा को साकार करते हुए भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्यों सत्य, करुणा, भक्ति एवं समरसता को व्यापक स्तर पर प्रसारित करेगा। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन ने अपने संदेश में बताया कि माघ मेला हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए।










