
Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सरकारी कर्मचारी द्वारा दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ में बसपा शासनकाल में बने स्मारकों और पार्कों में तैनात एक सफाईकर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपये की ठगी की है। आरोपी कर्मचारी ने नौकरी दिलाने, ट्रांसफर रुकवाने और गृह जनपद में ट्रांसफर कराने के नाम पर कई लोगों से पैसे ऐंठे हैं।
मामले का खुलासा होते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। आरोपी का नाम विनय द्विवेदी है, जो पहले अंबेडकर स्मारक के बाह्य क्षेत्र में तैनात था और दिसंबर में उसका तबादला लखनऊ के रमाबाई क्षेत्र में किया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनय द्विवेदी ने अपने साथ काम कर रहे 9 कर्मचारियों से मिलाकर कुल 60.30 लाख रुपये की ठगी की है। उसने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए, अपने पहुंच और पहचान का हवाला देकर लोगों को लालच दिया। पैसे मिलने के बाद वह अपने वादों से मुकर जाता था और जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो उसने गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकाने लगा।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा है कि इस मामले की पूरी जांच की जा रही है और जैसे ही सारे तथ्य सामने आएंगे, और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का कृत्य स्मारक, संग्रहालय और पार्कों के प्रबंधन और छवि को नुकसान पहुंचाता है।
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